Sun. Nov 18th, 2018

मजबूर मधेशी क्या करे ? अंकुश श्रीवास्तव

अंकुश श्रीवास्तव, कपिलबस्तु | भाैगाेलिक , सांस्कृतिक एवं सामाजिक दुष्टकाेण से धनी नेपाल मे अब अापसी वैमनस्यता अपनी पैठ जमा चुकी है । कई चरणाें मे अधिकार के लिए अान्दाेलन हुए ,उपलब्धियां भी मिली लेकिन अाधा से ज्यादा अबादी अभी भी संतुष्ट नही है । मधेशबादी दलाें ने २०६३ से ही सशक्त अान्दाेलन कर मधेशी जनता के दिलाें मे यह अहसास पैदा कर दिया कि तुम मधेशी हाे ,वही खस समुदाय भी यह साेचने पर मजबूर हाे गये कि मधेश मे रहने वाले मधेशी , थारु ही है । बात यहाँ तक ताे ठीक थी पर नाकाबन्दी के वाद जिस तरह मधेशी अाैर पहाडी समुदाय मे वैमनस्यता फैल गयी है उससे कुछ ढाेंगी राष्ट्रबादीयाेंकाे यह लगता था कि मधेश अलग हाे जायेगा फलस्वरुप मधेशहित के हर कार्य मे अपनी असहमती देते रहे वाे चाहे संविधान संशाेधन हाे या फिर समझाैते । अाज स्थिति यह है कि स्थानिय चुनाव मे अपने चाण्कयबाजि से मधेशी दल काे ताेडाकर दाे धड मे कर दिया अाैर फिर उन दलाें के मधेशी उम्मेदवार मधेशी दलाे से भिड रहे है । समास्या मधेशी जनता मे उपज कर अा रही कि पार्टीयां भले ही अलग है पर चुनावी मैदान मे दाेनाे अपने लाेग है । यह रणनिति खस पार्टीयाें कि भले ही सफल हाे जाय वाेट जाे मजबुरी मे जाय उससे सिर्फ सत्ताका अनुभव किया सकता है पर जनता के हृदय मे जगह नही मिलता । अाज मधेशी जनता मजबूर है वाे भी कुछ नसमझ मधेशी लिडराें के कारण । पचास से ज्यादा मासुमाें कि जान अाैर सैकडाेंका गायब हाेना भी हर मधेशी के मन मे एक डर बनाके रखा कि खसपार्टीयां कहीं फिर ना वही तांडव मचादें । कहीं फिर एमाले के राष्ट्रबादीताका कहर मासुम लाेगाें पर न बरसे ? कहीं फिर मधेश मे अाग न लगे ? इन्ही डर के कारण हर मधेशी शंसय मे है , वाेट किसे दें ? वाे जिसकी सत्ता मे हमपर गाेलियां चलती है या फिर उन्हे जाे हमारे लिए लडते लडते रास्ता भट्क गये । संविधान संशाेधन ताे एक बहाना था असल मे ताे संशाेधन न हाे अाैर मधेश अशान्त रहे ताकि राजनितिक माहाेल बनाने मे असानी हाे , सबकी इच्छा थी । प्रधानमन्त्री जिस दाे तिहायी से बनते उसीसे संशाेधन कराया जा सकता है पर नियत सिर्फ मधेशी के लिए ठिक नही है । इन हालात मे मधेशी जनताकाे भी साेच समझकर अपने वाेटका इस्तेमाल करना पडेगा , वरना दाे तिहायीका राेग कभी खतम नशी हाेगा अाैर अभी तक जाे मिली हर उपलब्धी धीरे धीरे समाप्त कर दी जायेगी जिसकी शुरुअात लाेकसेवा अायाेग मे मधेशी काे मिलने वाला अारक्षण घटाकर शुरु कर दिया गया है । अब हजुर वाले दिन से उपर निकलकर वाेटकी ताकत पर अपनी पहचान बनाईए । @अंकुश श्रीवास्तव कपिलबस्तु

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