Tue. Sep 25th, 2018

मधेश विभेद से अाजादी चाहता है चूडा दालमोट नहीं, राहत में उतरे डा.राउत

मनोज बनैता, सिरहा, २० अगस्त । डा. राउत के संग संग मधेश के दौडहा में रहे सिरहा के एक स्वराजी ऋषिराज से  की गई  बातचीत का सम्पादित अंश
१. कुछ दिनों से डा. राउत और स्वराजी सब सप्तरी से लेकर पर्सा तक बाढ़ पीडित क्षेत्र में दौड़ रहे है । कितने जगह पर राहत वितरण हुईं है ? बाढ़ पीडिताें के लिए क्या सहायता हुवा है ?
उत्तर : सब से पहले ये प्रश्न आपको नेपाल सरकार को करना चाहिये कि उन्हाेंने अभी तक बाढ़ पीडित  मधेशी जनता के लिए क्या किया है ? जिस भूमि की जनता से ७६५ टैक्स वसुली नेपाल सरकार करती है वहां के लिए अब तक क्या किया है ?१५० से ज्यादा मधेशी जनता की मृत्यु हो गयी । लाखों लोग घरवार विहिन हो गए है । हफ्तों दिन से लाखों भूखें है मगर नेपाल सरकार तमाशाबीन बनी हुई है । मूर्दो की तरह सोया हुई है ।
२.सुना है कि अभी तक गठबंधन की तरफ से १ प्याकेट चाऊचाऊ भी नही वितरण हुअा है ?
उत्तर : हां, हमने बाढ़ पीडितों के लिए क्या किया ? चाऊचाऊ क्यों नही बांटे ? सब से पहली बात, बहुत जगह पर स्वराजी खुद पीडिताें की तरह है । दुसरी बात, हमने जो भी सहयोग किया है उसका बैनर और फोटो बनाकर दिखाना नहीं चाहते हैं और नेपाली मिडिया बाले हमारे समाचार लिखते भी नही है । एक मन्त्री हेलिका‘प्टर से अवलोकन करते है तो नेपाली मीडिया दर्जनों बार भोकते है मगर डा. राउत और स्वराजी छाती भर पानी में डुबते हुए पीडित परिवारजनों तक जाते है, ऋण लेकर नदी पार करने के लिए नैया बनाते है, रात को बारह बजे लोगों के अस्पताल ले जाते है, खुद डा. राउत रौतहट के गंगा पिपरा में लचका पुल बनाते है तो मीडिया में नही आता है। और हम स्वराजी मीडिया बाजी से ज्यादा दिलों जान से सहयोग में लगे है। सप्तरी के टिकुलीया में नैया चलाकर गांव के लोगों को बचाना,सकरदही में बांध काटकर पुरे गांव काे डूबने से बचाना, महोतरी में बीमारियाें को अस्पताल लेजाकर सहयोग करना,बारा में स्वास्थ्य शिविर चलाना, ये सब सिर्फ स्वराजी सब द्वारा हि हुवा है । और हम स्वराजी इसी तरह अपने लोगों को सहयोग कर रहे है । एक सबाल है कि हमने चाऊचाऊ, दालमोट, चुरा क्यों नही बांटा ? देखिये, चुरा और दालमोट ये समस्या का समाधान नहीं है । ये हर साल आने वाली सम्सया है और कुछ जगह हर साल भीख की तरह ’ चुडा प्याकेट ’ फेंककर मधेशी जनता को बेवकूफ बना रखा है । मधेश की हर नदियां बेचकर पुरा मधेश को कभी मरूभूमि तो कभी तालाब नेपाल सरकार बना रखा है । वो मधेशी का अस्तित्व समाप्त करना चाहता है । क्या चुडा बाटने से बाढ़ नही आएगी? मधेशी को जान नही जाएगी? लाखों लोग घरवार विहिन नही होगा ? अब, मधेशी जनता स्थायी समाधान चाहता है । जनता हमसे १० रूपैया के दालमोट की अपेक्षा नहीं है, सिर्फ विभेद से आजादी की चाहत है। और बिना आजादी के ये समस्या समाधान असंभव है । एक ही रास्ता स्वतन्त्र मधेश, समस्या मुक्त मधेश ।
३. तत्काल राहत सामग्री की जरूरत है या नही ? जिसके लिए आजादी कह रहें है उसको बचाना तो गठबंधन का भी फर्ज है न ?
उत्तर : सबसे  पहली बात,सरकार राहत वितरण में रोक लगा रखा है । और वितरण करने पर गैरकानूनी माना जाएगा । दूसरी बात, हम मधेशी जनता टैक्स दे रहें है नेपाल सरकार को । कमाकर दे रहें है नेपाल सरकार को । एेसी परिस्थिति में किसका फर्ज बनता है मधेशी को बचाना ? मधेशी से टैक्स असुली गठबंधन करता है या नेपाल सरकार आप बैंक में पैसा जमा करके कभी एटिएम से पैसा नही निकाल सकते है न । अभी अरबों के राहत सामग्री लाखों भूखें मधेशी जनता के आवश्यकता है । और हम कोई सरकार तो नहीं है । ऐसी परिस्थिति में अनौपचारिक तरिका से ही हम स्वराजी सब सहयोग कर रहे हैं । नेपाल सरकार सीमित जगह पर सिर्फ दो छाकं की राहत देकर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है । वो मधेशी को भूखे मारना चाहते है। अब मधेशी जनता को सिर्फ अपना सरकार बनाकर सदा के लिए इस तरह की समस्या से मुक्त होना होगा । बिना स्वतन्त्रता के हम कुछ नहीं कर सकते है । भूखें लोगों के खाना देने के लिए भी अनुमति लेने के मतलब है कि हम इस देश के नागरिक नहीं है । हमें जल्द ही अपना सरकार, संविधान बनाना होगा। स्वतन्त्रता में ही हर समस्या का समाधान है । दालमोट, चुरा बांटकर समस्या समाधान असंभव है । ये एक दिखावटी और फोटो सेशन है । हमें स्थायी समाधान तरफ जाना है ।
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