Sun. Nov 18th, 2018

मिथिलाञ्चल मे जूडशितल हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया

10247470_770743896269219_6890853130886783502_nकैलास दास, जनकपुर, वैशाख २ । मिथिलाञ्चल का पर्व जुडशितल हर्षौल्लास के साथ मधेश मे मनाया गया है ।

नयाँ वर्ष के दुसरे दिन मनाया जानेवाला जूडशितल पर्व में घर के प्रमुख व्यक्ति ने परिवार के सम्पूर्ण सदस्यों को माथे पर ठण्डा पानी रखते है जिससे साल भर शितलता मिले इसकी कामना के साथ शुभ आशीर्वाद प्रदान करते है ।

मिथिला के ग्रामीण क्षेत्र में थाल कादो ( किचड)खेलकर जूडशितल  मनाते हैं । शहरो में विशेष कार्यक्रम के साथ यह पर्व मनाया जाता है । जनकपुर के रामानन्द चौक पर कुछ युवाओं ने जुडशितल थाल और कादो एक दुसरो को लगाकर जुडशितल जमकर मनाया है ।

(राजा शलहेस के प्रेम के प्रतिक के रुप मे रहा महिसौथा फुलबारी)
(राजा शलहेस के प्रेम के प्रतिक के रुप मे रहा महिसौथा फुलबारी)

इस पर्व में नयाँ वर्ष में तैयार किया गया बासी भात, तरुवा, वडी, कढी आदी परिकार खाते है । उसी प्रकार घर के आसपास रहे वृक्ष को भी पानी देते है । वैज्ञानिक रुप मे भी मिटट्ी शितलता प्रदान करते है इस कारण भी वैशाख महिना में अत्यधिक ताप होने के कारण कडी गर्मी से बचने के लिए शीतल जल माथे पर रखते है और थालकदो से खेलते है ।

इसी प्रकार लहानमे महिसौथा मेला भी इसी दिन भव्य रुपमे लगाया जाता है । राजा शलहेस के प्रेम के प्रतिक के रुप मे रहा महिसौथा फुलबारी में इसी दिन वह फुल खिलते है । अन्य दिन यह फूल  देखने को नही मिलता है । इसलिए इस फुलको देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग वहाँ पर जाते है ।10253940_770743812935894_4588070966981379611_n

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