Sat. Sep 22nd, 2018

ये हैं– भावी राष्ट्रपति के दावेदार

अब तो स्पष्ट है कि देश में पाँच वर्ष तक बामपन्थी राजनीतिक दलों की नेतृत्व में सरकार चलनेवाली है । भावी प्रधानमन्त्री में एमाले अध्यक्ष केपीशर्मा ओली को देखा जा रहा है । लेकिन अब सिर्फ सरकार ही नहीं, राष्ट्रपति और उप–राष्ट्रपति भी परिवर्तन होने जा रहे हैं । ऐसी अवस्था में भावी राष्ट्रपति कौन हैं ? इसके संबंध में बहस होना स्वाभाविक है । नयी सत्ता समीकरण के साथ–साथ भावी राष्ट्रपति, उप–राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री, सभामुख तथा प्रदेश प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों में अब एमाले और माओवादी केन्द्र के बीच लड़ाई होने जा रही हैं, जिस को संसदीय राजनीति में स्वाभाविक भी माना जाता है । लेकिन यहां भावी राष्ट्रपति कौन बन सकता है ? इसके बारे में कुछ चर्चा की जाएगी । यहां जिन लोगों की चर्चा की जा रही है, उन लोगों के नाम राजनीतिक बाजार में भावी राष्ट्रपति के रूप बहस में आ रहा है ।
पुनः विद्यादेवी भण्डारी और पुन
बाम गठबंधन में शामिल कई नेताओं को (विशेषतः एमाले निकट) मानना है कि वर्तमान राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी और उप–राष्ट्रपति नन्दबहादुर पुन को ही आगामी कार्यकाल के लिए निरन्तरता देनी चाहिए । बताया जाता है कि वर्तमान राष्ट्रपति विद्यादेवी भण्डारी इसके लिए प्रयास भी कर रही हैं । राष्ट्रपति भण्डारी का कहना है कि उनके पास अभी भी सक्रिय राजनीतिक करने की उम्र बांकी हैं, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति होने के कारण यह सम्भव नहीं है, इसीलिए उनको ही पुनः एक बार राष्ट्रपति में दुहराया जाए । इसी तरह का कथन है– उपराष्ट्रपति नन्दबहादुर पुन का भी ।
मोहन विक्रम सिंह
अगर पुराने ही राष्ट्रपति को पुनः निरन्तरता नहीं दिया जाएगा तो वहां कोई अन्य व्यक्ति आना स्वाभाविक है । बाम गठबंधन की ओर से ऐसे साझा व्यक्ति कौन हो सकते हैं ? बाम गठबंधन निकट विश्लेषकों को मानना है कि ऐसे साझा व्यक्ति तलाश करते हैं तो मोहन विक्रम सिंह हो सकते हैं, जिनकी पृष्ठभूमि कम्युनिष्ट पार्टी से जुड़ी हुई है । लेकिन सिंह एमाले और माओवादी से आबद्ध नहीं हैं । इसलिए एमाले–माओवादी प्राथमिकता में सिंह नहीं पड़ सकते हैं ।
माधवकुमार नेपाल
प्रतिनिधिसभा में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते नेकपा एमाले का राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री के लिए दावा करना स्वाभाविक है । अगर एमाले पार्टी से कोई राष्ट्रपति बन जाएंगे तो वह पात्र कौन हो सकते है ? इस प्रश्न में अधिकांश लोगों को कहना है कि पूर्व प्रधानमन्त्री माधव कुमार नेपाल भावी राष्ट्रपति के लिए उपर्युक्त पात्र हो सकते हैं । लेकिन जानकारों का मानना है कि स्वयम् नेता नेपाल इसमें इच्छुक नहीं है । उन लोगों को कहना है कि माधव नेपाल राष्ट्रपति नहीं, एक बार पुनः पार्टी प्रमुख बनना चाहते हैं ।
झलनाथ खनाल
एमाले से ही दूसरे पात्र हैं– पूर्व प्रधानमन्त्री झलनाथ खनाल । जानकारों का मानना है कि खनाल राष्ट्रपति बनने के लिए इच्छुक भी हैं । इससे पहले ही खनाल राष्ट्रपति बनना चाहते थे, लेकिन विद्यादेवी भण्डारी ने बाजी मार ली । कई लोगों को मानना है कि राष्ट्रपति के प्रति इच्छुक होने के कारण ही खनाल कुछ वर्षों से राजनीतिक वृत्त में विवाद में नहीं आ रह हैं । इसीलिए वह इस बार खनाल राष्ट्रपति बनना चाह रहे हैं, लेकिन एमाले निकट स्रोत का मानान है कि एमाले अध्यक्ष केपीशर्मा ओली पक्षधर नेता इसके लिए तैयार नहीं हो सकते हैं ।
बामदेव गौतम
एमाले के तीसरे चर्चित नेता हैं– बामदेव गौतम । वह प्रतिनिधिसभा सदस्य चुनाव में बर्दिया से पराजित हो गए हैं । संविधान अनुसार राष्ट्रपति बनने के लिए सांसद होना जरुरी भी नहीं है । इसीलिए एमाले के भीतर भावी राष्ट्रपति के रूप में बामदेव गौतम को भी देखा जा रहा है । क्योंकि पार्टी के अन्दर महत्वपूर्ण योगदान होते हुए भी चुनाव में पराजित होने के कारण उनकी सक्रिय राजनीति अब समाप्त होने जा रहा है, इसीलिए उनको राष्ट्रपति बनाना स्वाभाविक है, एमाले वृत्त में ऐसी भी चर्चा–परिचर्चा है ।
अमिक शेरचन
अगर एमाले को नहीं, बांगबंडा में माओवादी को राष्ट्रपति मिल जाता है तो माओवादी केन्द्र से ऐसे कौन पात्र हैं, जो राष्ट्रपति बन सकते हैं ? जानकारों को मानना है कि अगर ऐसी परिस्थिति आ जाएगी तो माओवादी से अमिक शेरचन भावी राष्ट्रपति के रूप में आगे आ सकते हैं । इसीतरह माओवादी से ही भावी नेता रामबहादुर थापा (बादल) भी राष्ट्रपति के रूप में आगे आ सकते हैं ।

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