Tue. Oct 23rd, 2018

रमजान में साफ दिल से इबादत करनें की महिना सुरु, देखें कुछ अनौखी बातें

हिमालिनी डेस्क
काठमांडू, २८ मई ।

रमजान के महीने को नेकियों का मौसम–ए–बहार कहा गया है । जानें इस मौका–ए– खास के बारे में कुछ बातें–

१. बरकतों के इस महीने के खत्म होने पर ईद–उल–फित्र का त्योहार मनाया जाता है । इस पूरे माह मुस्लिम धर्मावलंबी रोजा, नमाजों, तरावीह, कुरान की तिलावत (पढ़ना) की पाबंदी करेंगे ।

२. रमजान के महीने को और तीन हिस्सों में बांटा गया है । हर हिस्से में दस–दस दिन आते हैं । हर दस दिन के हिस्से को ‘अशरा’ कहते हैं जिसका मतलब अरबी में १० है । इस तरह इसी महीने में आसमान से पूरी कुरान उतरी, जो इस्लाम की पाक किताब है ।

३. कुरान के दूसरे पारे की आयत ज्ञडघ में रोजा रखना हर मुसलमान के लिए जरूरी बताया गया है । रोजा सिर्फ भूखे, प्यासे रहने का नाम नहीं बल्कि गलत कामों से बचना है । इसका मतलब हमें खुद को शारीरिक और मानसिक दोनों तरीकों से नियंत्रण में रखना है ।

४. इस मुबारक महीने में किसी तरह के झगड़े या गुस्से से ना सिर्फ मना किया गया है बल्कि किसी से गिला–शिकवा है तो उससे माफी मांग कर समाज में एकता कायम करने की सलाह दी गई है ।

५. इसके साथ एक तय रकम या सामान जकात के तौर पर गरीबों में बांटना जरूरी बताया गया है जो समाज के लिए बहुत ही मददगार है ।

६. रोजा के महीने में किसी भी तरह का नशा करना हराम है । इसके लिए सख्त पाबंदी है ।

७. रोजा के दौरान किसी भी स्त्री को गलत नजर से नहीं देख सकते, यहां तक कि अपनी बीवी को भी ।

८. वैसे तो झूठ बोलना यूं भी गलत है पर रमजान के महीने में झूठ बोलना, रिश्वत लेना या कोई भी गलत काम करने की सख्त मनाही है । इसे एक अभ्यास की तरह ले सकते हैं ताकि इंसान इस एक महीने के बाद साल भर कुछ भी गलत करने से बचने की कोशिश करे ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of