Tue. Nov 20th, 2018

राजनीतिक दल मुठभेड की ओर अग्रसर ।

काठमांडू, १७ जनवरी । नया सरकार बनाकर निर्वाचन में जाने के लिए तैयारी कर रहे राजनीतिक दल अब मुठभेड की ओर अग्रसर होरहें है। राष्ट्रपति के आग्रह अनुसार सहमतीय सरकार बनाने में असफल रहे राजनीतिक दल एक–दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने मे व्यस्त हैं । सरकार को सहमति का बधक बताते हुये प्रतिपक्षी दलों ने सरकार के विरुद्ध सडक संघर्ष में जाने का फैसला कर लिया । ठीक इसके दो दिन के बाद ही सत्ता पक्षीय गठबन्धन ने भी ऐसा ही निर्णय करके प्रतिपक्षी को करारा जबाव दिया है । राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह सत्ताधारी और प्रतिपक्षी दोनों को सडक संघर्ष में जाने का फैसला से देश की स्थिति और भी संकटग्रस्त बन सकती है ।
सत्तापक्षीय दलों का गठबन्धन ‘संघीय लोकतान्त्रिक गणतान्त्रिक गठबन्धन’ ने प्रतिपक्षी दल द्वारा घोषित आन्दोलन को मध्यनजर करते हुए गुरुबार अपने तरफ से भी जनजागरण अभियान सञ्चालन करने का निर्णय लिया है । सत्ताधारी गठबन्धनका कहना है– उनके तरफ से माघ १७ गते राजधानी काठमांडू में एक वृहत आमसभा का आयोजन किया जायेगा और उसमे प्रतिपक्षीयों को निर्वाचन विरोधी होने का खुलासा भी किया जाएगा । सत्ता पक्षीय नेताओं का यह भी कहना है कि प्रत्येक जिला में जनजागरण अभियान के लिए कार्य समिति भी निर्माण किया जाएगा ।
इधर सत्ता से बाहर रहे नेपाली कांग्रेस तथा नेकपा एमाले लगायत कुछ दलों ने माघ ६ से २६ गते तक के लिए सडक संघर्ष का घोषणा किया है । इसी कार्यक्रम अन्तर्गत माओवादी सभा से पहले दिन पहले अर्थात माघ १६ गते प्रतिपक्षी दलों के तरफ से काठमांडू में एक सभा तय हो चुका है । प्रतिपक्षी का कहना है कि सरकार के विरोध में आयोजित उस सभा से ही आन्दोलन का आगे का क्रर्यक्रम भी घोषणा किया जाएगा । इस तरह दोनों पक्ष के द्वारा सडक संघर्ष की घोषणा होने के कारण सहमतीय राजनीति में और दरार पैदा हो गया है ।

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