Tue. Oct 16th, 2018

राष्ट्रीय जागरुकता के प्रतीक थे मदनमोहन : डा रामबरन यादव

वाराणसी । नेपाल के राष्ट्रपति रामबरन यादव ने कहा कि मालवीयजी के विचार विवि के उद्देश्यों से सहज ही प्रदर्शित होते हैं जिसे उन्होंने स्वयं इस विवि को देखकर अनुभव किया है। महामना की उपाधि उन्हें शायद इसलिए ही दी गयी कि वे वास्तविक अर्थो में महामानव थे। वे एक युगदृष्टा थे जिन्होंने भारत के आजादी के लगभग तीन दशक पूर्व ही इस बात को अच्छी तरह समझ लिया था कि भारत के नौजवानों के संस्कृतिवान बनाना जरूरी है। उन्हें प्राचीन तथा आधुनिक शिक्षा से युक्त करना चाहिए। महामना राष्ट्रीय जागरुकता के प्रतीक थे। इसके लिए उन्होंने जनकल्याण के लिए उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना जरुरी समझा। उन्होंने कहा कि महामना का सपना तो तभी साकार हो गया जब भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन में यहां के छात्र-छात्राओं ने बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया। श्री यादव बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में महामना के 150 वीं जयंती समारोह के समापन अवसर पर डीलिट की मानद उपाधि प्राप्त करने के बाद विशिष्ट अतिथि के रूप में विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने नेपाली विद्यार्थियों को इस विवि द्वारा शिक्षा लाभ दिये जाने की प्रशंसा की। श्री यादव ने कहा कि नेपाल के दो पूर्व प्रधानमंत्री विश्वेश्वर प्रसाद कोइराला व केपी भट्टराई इसी विवि के छात्र रहे हैं। इस बात की बड़ी खुशी है कि देश के दो प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों कोलकाता व पीजीआई चण्डीगढ़ से उपाधि धारण की है। बीएचयू की मानद डिग्री प्राप्त कर विवि परिवार का सदस्य हो गया। नेपाल व भारत के संबंध में बनारस का बहुत बड़ा योगदान है।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of