Tue. Oct 23rd, 2018

लाल किले की प्राचीर से बोले मोदी, गोरखपुर हादसे और संकट की घड़ी में पूरा देश पीड़ितों के साथ


*नई दिल्‍ली {मधुरेश प्रियदर्शी*}–71वें स्‍वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सबसे पहले देशवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस और जन्‍माष्‍टमी की शुभकामनाएं दीं. उन्‍होंने कहा कि आज के दिन के लिए हम सुदर्शनधारी मोहन के साथ ही चरखाधारी मोहन के आभारी हैं. आज पूरा देश स्‍वतंत्रता दिवस के साथ-साथ जन्‍माष्‍टमी का जश्‍न मना रहा है. मैं लाल किले की प्राचीर से सवा सौ करोड़ देशवासियों को नमन करता हूं. पीएम मोदी ने गोरखपुर के हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत पर पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलते हुए कहा कि सारा देश इन पीड़ितों के साथ है.
पीएम मोदी ने यह भरोसा दिया कि पीड़ितों की मदद के लिए उनकी सरकार कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेगी और हरसंभव सहायता दी जाएगी.
गौरतलब है कि गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में एक सप्‍ताह के अंदर करीब 70 बच्‍चों की मौत होने से पूरा देश सदमे में हैं. इस हादसे पर पीड़ितों ने कहा था कि बच्‍चों की मौत अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की कमी से हुई है. जबकि राज्‍य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि किसी भी बच्‍चे की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है. इस पर विपक्ष ने राज्‍य सरकार के साथ साथ केंद्र सरकार को भी निशाने पर लिया था. पीएम मोदी ने पीड़ितों का हालचाल जानने और वास्‍तविक स्थिति का पता लगाने के लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को भी गोरखपुर भेजा था. हादसे के बाद कार्रवाई करते हुए सरकार ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को सस्‍पेंड कर दिया था.
स्‍वतंत्रता दिवस पर लाल किले से पीएम मोदी के भाषण की खास बातें~
– सुदर्शनधारी मोहन के साथ चरखाधारी मोहन के हम आभारी हैं
– पूरा देश स्‍वतंत्रता दिवस के साथ जन्‍माष्‍टमी का जश्‍न मना रहा है
– मैं लाल किले की प्राचीर से सवा सौ करोड़ देशवासियों को नमन करता हूं
– पिछले दिनों अस्‍पताल में हमारे मासूमों की मौत हुई
– संकट और दुख की इस घड़ी में पूरा देश पीडि़तों के साथ है
– 125 करोड़ भारतीयों की तपस्‍या से न्‍यू इंडिया का सपना पूरा होगा
– सामूहिक शक्ति के द्वारा हम परिवर्तन ला सकते हैं
– कोई छोटा या बड़ा नहीं होता, हर कोई अपनी जगह महत्‍वपूर्ण होता है
– 1942 से 1947 के आंदोलन ने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया
– वक्‍त बदल चुका है, आज जो सरकार कहती है उसे करने का संकल्‍प लेती है
– जीएसटी का लागू होना दिखाता है कि हिन्‍दुस्‍तान में कितना सामर्थ्‍य है
– आजादी के बाद जहां-जहां अंधेरा था, वहां बिजली पहुंचाई जा रही है
– आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दुनिया के कई देश हमारी सक्रिय मदद कर रहे हैं
अपने संबोधन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले के प्राचीर से चौथी बार झंडा फहराया. स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए लाल किले के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है. लाल किला आने से पहले प्रधानमंत्री राजघाट भी पहुंचे और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद करीब 7.20 बजे पीएम मोदी लालकिले के लौहारी गेट पहुंचें जहां पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली, रक्षा राज्य मंत्री सुभाषा भामरे और रक्षा सचिव संजय मित्रा ने उनकी अगवानी की.

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