Wed. Sep 26th, 2018

वीरगंज में सीमा विवाद, सर्वोच्च में रिट

काठमांडू, २३ जनवरी । ‘भारत ने वीरगंज में नेपाली भूमि के ऊपर अतिक्रमण किया है’ इस तरह का आरोप सहित सर्वोच्च अदालत में रिट निवेदन पंजीकृत किया गया है । अधिवक्ता यज्ञमणि न्यौपाने द्वारा दायर रिट में कहा गया है कि सीमा स्तम्भ निर्माण के क्रम में वीरगंज स्थित सिर्सिया नदी एरिया में नेपाली भूमि भारत की ओर बनाया गया है ।
रिट निवेदन में प्रधानमन्त्री कार्यालय, नापी विभाग, नेपाल–भारत सीमा टोली आदि को विपक्षी बनाया गया है । रिट निवेदन में लिखा है– ‘पुराने सीमा स्तम्भ को चेन्ज करते वक्त नेपाली की ओर अतिक्रमण किया गया है, जो सुगौली संधी और १८१६ से १८४० में निर्धारित नक्सांकन विपरित है ।’ निवेदन में कहा गया है कि वीरगंज महानगरपालिका–१ छपकैया एरिया सिर्सिया खोलाधार तरफ की ३०० मिटर (अनुमानित) जमिन को भारत की ओर रख कर सीमा निर्धारण का काम हो रहा है । निवेदन में मांग किया है कि नियम विपरित स्थापित सीमा स्तम्भ को हटाया जाए ।
रिट निवेदन में यह भी कहा गया है कि अगर सुगौली सन्धी और साबिक के ‘जंगे पिलर’ के अनुसार फरक प्रकृति से कोई सीमा स्तम्भ निर्माण हो रहा है तो उसको तत्काल उत्प्रेषण आदेश द्वारा बदर किया जाए । रिट निवेदन के ऊपर बहस करने के लिए बुधबार के लिए पेशी तय किया गया है । उधर वीरगंज के स्थानीय बासी भी जजमीन अतिक्रमण के विरुद्ध आन्दोलन में उतर आए हैं । उन लोगों का कहना है कि ५० बिघा जमीन अतिक्रमण हो गया है ।

इसीतरह नेकपा माओवादी के भातृ संस्था वाईसीएल नेपाल ने विवादित भूमि में जाकर नेपाल का झण्डोत्तलन किया है । वाईसीएल अध्यक्ष रामप्रसाद सापकोटा ‘दीपशिखा’ ने कहा है कि अगर नेपाली जमीन नेपाल को ही वापस नहीं किया जाएगा तो वहा वाईसीएल नेपाल की क्याम्प खड़ा की जाएगी ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of