Wed. Sep 26th, 2018

वृद्ध भत्ता वितरण संबंधी अधिकार सिर्फ केन्द्र को

काठमांडू, २७ अगस्त । प्रदेश और स्थानीय तहों को वृद्ध भत्ता लगायत सामाजिक सुरक्षा भत्ता वितरण में रोक लगाया जा रहा है । केन्द्र सरकार द्वारा एक विधेयक संसद में दर्ता की गई है, जहाँ स्थानीय तहों को सिर्फ भत्ता वितरण करने का अधिकार है, सामाजिक सुरक्षा भत्ता संबंधी अन्य कोई भी निर्णय करने का नहीं है, निर्णय संबंधी अधिकार केन्द्र के पास ही है, इसतहर का विधेयक आगे बढाया गया है । स्मरणीय है, प्रदेश तथा स्थानीय चुनाव के समय में स्थानीय तहों में प्रतिस्पर्धा करनेवाले जनप्रतिनिधि भी कह रहे थे की वृद्ध भत्ता को वृद्धि की जाएगी ।
विधेयक में कहा गया है– ‘नेपाल सरकार की ओर से वितरण होनेवाला सामाजिक सुरक्षा भत्ता में प्रदेश तथा स्थानीय सरकार की ओर से संबंधीत शीर्षक में थप रकम वितरण नहीं किया जाएगा ।’ विधेयक में कहा गया है कि जेष्ठ नागरिक, आर्थिक रुप से विपन्न, अशक्त और असहाय अवस्था में रहे व्यक्ति, असहाय एकल महिला, अपांग, बालबालिका, खूद को रेखदेख करने में असमर्थ व्यक्ति, लोपन्मुख जाति आदि को सरकारी की ओर से सामाजिक सुरक्षा भत्ता वितरण किया जाएगा । विधेयक में यह भी कहा गया है कि भत्ता के लिए आवश्यक रकम सरकार द्वारा बजट में व्यवस्था की जाएगी और वितरण की जिम्मेदारी स्थानीय तहों दिया जाएगा ।
स्मरणीय है, काठमांडू महानगरपालिका के मयेर ने निर्णय किया है कि ८८ से अधिक उम्र के वृद्ध–वृद्धा को महानगरपालिका की ओर से थप २ हजार भत्ता दी जाएगी । अब नयां विधेयक के अनुसार महानगरपालिका को इस तरह का निर्णय करने की अधिकार नहीं है । विधेयक में यह भी उल्लेख है कि अगर कोई व्यक्ति गलत विवरण पेश कर सामाजिक सुरक्षा भत्ता लेता है तो पता चलते ही उसके ऊपर कारवाही की जाएगी । भत्ता में होनेवाला दुरुपयोग रोकने की जिम्मेदारी स्थानीय तहों को ही दिया गया है ।

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