Thu. Sep 20th, 2018

व्यवस्थित और समृद्ध सूर्यविनायक मेरा सपना : विष्णुराज कार्की

Bisnuraj Karki 2
विष्णुराज कार्की,मेयर पद के लिए उम्मीदवार,सूर्यविनायक नगरपालिका, भक्तपुर

देश स्थानीय चुनाव में जा चुका है । पूरे देश में ७४४ स्थानीय निकाय हैं, जहाँ दो चरणों में चुनाव होने वाले हैं । सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार प्रथम चरण के चुनाव वैशाख ३१ गते होने जा रहा है और दूसरे चरणों के चुनाव जेष्ठ ३१ गते । पहले चरण में प्रदेश नंबर ३, ४ और ६ में चुनाव किया जा रहा है । इन्हीं में से तीन नम्बर प्रदेश में अवस्थित भक्तपुर जिला और सूर्यविनायक नगरपालिका भी है । देश का ही सबसे छोटा जिला है, भक्तपुर । जिला तो छोटा है, लेकिन राजधानी अन्तर्गत के इस जिले में राजनीतिक सरगर्मी अन्य जिलों से कम नहीं है । चुनावी मैदानों में उतरे हर उम्मीदवारों का कहना है कि राजधानी अव्यवस्थित और बालु का शहर बन गया है । साथ ही वे लोग दावा भी कर रहे हैं कि अगर वह चुनाव जीत जाएंगे तो राजधानी को व्यवस्थित और कचड़ा मुक्त शहर बनाएंगे । अर्थात् हर उम्मीदवारों की भाषणबाजी इसी विषयों को लेकर ही रही है । सूर्यविनायक नगरपालिका भी राजधानी के अन्दर ही है । जहाँ नेपाली कांग्रेस की तरफ से मेयर पद के लिए दावा करने वाले विष्णुराज कार्की ने भी अपनी उम्मीदवारी दी है ।
कार्की की पारिवारिक पृष्ठभूमि वि.सं. २०१७ साल से ही नेपाली कांग्रेस से जुड़ी हुई है । कांग्रेस से आबद्ध होकर राजनीति में आने के कारण ही तत्कालीन राजा महेन्द्र शाह ने विष्णुराज के दादा–दादी को सर्वस्वहरण कर जेल भेजे थे । विष्णुराज भी विद्यार्थी जीवन से ही नेपाली कांग्रेस में आबद्ध हो गए । वहीं विष्णुराज पार्टी के अन्दर विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए अभी सूर्यविनायक नगरवासी के लिए मेयर बनने का सपना दिख रहे हैं । उन्होंने नगरवासी के हित के लिए क्या करने का सोच बनाया है ? चुनावी चहल–पहल और इसी प्रश्न में केन्द्रित रहकर हिमालिनी के संवाददाता लिलानाथ गौतम ने कार्की से बातचीत की । प्रस्तुत है, बातचीत का सम्पादित अंश–
० सूर्यविनायक नगरपालिका के लिए नेपाली कांग्रेस की तरफ से मेयर पद में दावा करनेवाले बहुत थे । टिकट पाने के लिए बहुत खूब लड़ाई करनी पड़ी है न ?
– नेपाली कांग्रेस देश का सबसे बड़ी और प्रजातान्त्रिक पार्टी है । प्रजातान्त्रिक तौर तरीका अपना कर अगर कोई नेतृत्व में आना चाहते हैं, तो वह कोई भी नयी बात नहीं है । हां, आकांक्षी लोग बहुत थे । आकांक्षियों के बीच जो प्रतिस्पर्धा हुई, उसे लड़ाई के रूप में नहीं देखना चाहिए, यह तो प्रजातान्त्रिक अभ्यास है । २० सालों से स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हो पा रहा था । जिसकी वजह से भी आकांक्षियो की संख्या ज्यादा हो गई थी । लेकिन अन्त में पार्टी ने सही मूल्यांकन कर मुझे ही सूर्यविनायक नगरपालिका के लिए योग्य ठहराया । कल टिकट के लिए जो मेरे साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे थे, वही लोग आज मेरे लिए हमसफर हैं । उन साथियों के सहयोग बिना विजय हासिल करना मुश्किल है । इसलिए उन साथियों को साथ लेकर ही आज मैं अन्य पार्टी के उम्मीदवारों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा हूँ ।Bisnuraj Karki 3
० टिकट वितरण के दौरान असंतुष्टियां भी देखी गई, क्या वे असंतुष्ट लोग आपको सहयोग करने के लिए तैयार हंै ?
– जितने भी प्रतिस्पर्धी हो, लेकिन टिकट और जीत तो एक ही व्यक्ति को मिलती है । हमारी प्रतिस्पर्धा मेरे टिकट मिलने के बाद ही समाप्त हुई है । अब तो सभी मित्र मुझे ही सहयोग कर रहे हैं । उनके सहयोग से ही मैं कल मेयर बन सकता हूँ । अब हम एक होकर आगे बढ़ रहे हैं ।
० पार्टी से तो आपको टिकट मिल गया । लेकिन प्रतिस्पर्धी अन्य पार्टियों के उम्मीदवारों से आप कैसे सामना कर रहे हैं ?
– मुझे लगता है, सूर्यविनायक नगरपालिका के बासिन्दा विवेकी हैं, बुद्धिमान हैं । किस उम्मीदवार को चुनाव में विजयी बनाने से नगरवासियों का भला हो सकता है, इसका सही मूल्यांकन वे लोग ही कर सकते हैं । नेपाली कांग्रेस के प्रति आस्थावान जनता पार्टी के लिए मेरे परिवार और मेरा योगदान देख रहे हैं । साथ ही आज तक इस क्षेत्र और समाज के लिए मेरे द्वारा जो सकारात्मक कार्य हो रहा है, उसका मूल्यांकन भी वे कर रहे हैं । इसीलिए मैं विश्वस्त हूँ कि आगामी दिनों में भी वे लोग मुझे ही साथ देंगे । मेरा यही विश्वास ही प्रतिस्पर्धी पार्टियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का आधार है । दावा के साथ कहता हूँ– सूर्यविनायक नगरबासी मुझे न्याय दिलाएंगे, विजयी बनाएंगे ।
० यह तो स्थानीय निकायों का चुनाव है । लेकिन नेपाली कांग्रेस लगायत सभी राजनीतिक पार्टियों के चुनावी घोषणापत्र देखा जाए, तो लगता है कि वे लोग संसदीय चुनाव में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं । नगरपालिका और गांवपालिका में उम्मीदवार लोग बिजली उत्पादन, वृद्धभत्ता में बढोत्तरी, परराष्ट्र सम्बन्– में सुधार जैसे घोषणापत्र वितरण कर रहे हैं । यह तो जनता को बेवकूफ बनाने काम तो नहीं हो रहा है ?
– हां, सामान्य दृष्टिकोण से देखा जाए तो पार्टीगत घोषणापत्र ऐसा ही लगता हैं । स्थानीय उम्मीदवार केन्द्रित होकर घोषणापत्र अध्ययन करने पर लगता है कि यह तो जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है । घोषणापत्र निर्माण करते वक्त शायद इन बातों में किसी को भी ध्यान नहीं गया होगा । छोटे समय और असमंजस के बीच चुनाव की तिथि घोषणा होने से भी ऐसा हुआ होगा । लेकिन दृष्टिकोण को थोड़ा सा परिवर्तन करके देखा जाए, तो घोषणापत्र सही ही लगता है । जैसे कि स्थानीय निकाय लगायत सम्पूर्ण शासन संयन्त्र में अगर हमारी पार्टी की पकड़ हो जाती है, तो हमारे घोषणापत्र पूरे देश में लागू हो सकता है । अन्य पार्टियों के हक में भी यही बात लागू होती है । दूसरी बात, यह घोषणापत्र पार्टी की तरफ से समग्र देश को मद्देनजर करते हुए तैयार किया गया है । हम जैसे उम्मीदवारों ने अपने चुनाव क्षेत्र की वास्तविकता देख कर प्रतिबद्धता पत्र जारी किया है । हमारे लिए वही प्रतिबद्धता पत्र ही चुनावी घोषणापत्र है ।
० ऐसा है तो सूर्यविनायक नगरपालिका के सम्भावित मेयर के दृष्टिकोण से यहां की कौन–कौन सी चुनौतियां देख रहे हैं, आप ?
– पहली बात तो सूर्यविनायक नगरपालिका में निवास करनेवाले हर जनता को सामाजिक रूप में जागरुक और आर्थिक रूप में समृद्ध बनाना है । सूर्यविनायक नगरपालिका दिन–प्रतिदिन तीव्रतर रूप में शहरीकरण हो रहा है । इसको व्यवस्थित करना और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना ही आज की मुख्य चुनौतियां है । यह क्षेत्र धार्मिक दृष्टिकोण से समृद्ध और पर्यटकीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है । स्रोत–साधन और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से विविधता युक्त क्षेत्र भी है । इन सभी पक्षों को व्यवस्थित कर हर नागरिक को राज्य संयन्त्र में पहुँच स्थापित करना और व्यक्तिगत हक–अधिकारों को प्रत्याभूति दिलाना ही हमारा कर्तव्य है ।
० निर्वाचित होने पर पांच सालों के अंदर आप क्या कर सकते है ?
– उपरोक्त चुनौतियों का सही समाधान के लिए मैं जो भी क्रियाकलाप करुंगा वह मेरा कर्तव्य होता है । इसके लिए निश्चित योजना सहित सशक्त टीम की आवश्यकता है । मुझे विश्वास है कि चुनाव के बाद जनता द्वारा अनुमोदित और विश्वसनीय पात्रों के वह समूह बन जाएगा । नगरपालिका के अंदर क्या–क्या करना है, उसका प्रारूप हम तय कर चुके हैं । उदाहरण के लिए सूर्यविनायक को आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में विकास करना, भूमि की पहचान कर भू–उपयोग नीति के तहत खेती योग्य जमीन में व्यावसायिक कृषि को प्रोत्साहित करना, कृषि उत्पादन बृद्धि के लिए आवश्यक प्रवद्र्धन करना, नगर के भीतर कम से कम दो स्थानों में कृषि बाजार केन्द्र की स्थापना करना, शीत भण्डार की स्थापना करना, नगरपालिका के भीतर रहे रानीकोट से चित्तपोल तक के क्षेत्रों को एकीकृत पर्यटकीय क्षेत्रों के रूप में विकास करना, हर वार्डों में योग तथा ध्यानकेन्द्र की स्थापना करना, भ्यू–टावर आदि का निर्माण करना, सभी धार्मिक तथा पर्यटकीय स्थलों तक यातायात पहुँचाना, महत्वपूर्ण धार्मिक तथा सांस्कृतिक सम्पदाओं को व्यवस्थित रूप में संरक्षण करना, महत्वपूर्ण और बड़े–बड़े बस्तियों के बीच सुविधा सम्पन्न सड़क का निर्माण करना, हर घरों में कम से कम प्रत्येक दिन दो घण्टों के लिए नियमित पेय जल की आपूर्ति करना, ‘एक घर एक वृक्ष’ अभियान लागू करना, हर वार्डों में खेलकूद मैदान, बाल उद्यान और मनोरञ्जन स्थल निर्माण करना, समुदायिक विद्यालयों को स्तरयुक्त बनाना, ‘एक परिवार एक रोजगार’की व्यवस्था करना, स्वास्थ्य सेवा सुलभ बनाना, स्थानीय स्रोत और साधनों को अधिकतम प्रयोग कर नगरपालिका का आयस्रोत में बृद्धि करना जैसे बुहत सी कार्ययोजनाएं नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवारों ने तय किया है । बाकी कार्ययोजनाओं के सम्बन्– में चुनाव के बाद निर्माण होने वाले कार्य समिति के अन्दर विमर्श कर उपर्युक्त योजनाओं को तत्काल आगे बढ़ाया जाएगा ।
० चुनाव से पहले हर नेता ऐसी ही बात करते हैं ! चुनाव जीतने के बाद सभी प्रतिबद्धता गौण हो जाती है । शायद आप भी वेसा ही करेंगे, क्या ख्याल है ?
– नहीं, आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए हम लोगों ने बहुत बहनाबाजी किया है । हमारे पिछड़ेपन के पीछे हम लोगों ने राजनीति और शासन व्यवस्था को दोषी करार देते आए हैं । अब इस तरह शासन व्यवस्था को दोषी करार देने की अवस्था नहीं है । राजनीतिक क्रान्ति पूरी हो चुकी है । आगे का अभियान विकास और आर्थिक उन्नति के लिए है । अब भी हम लोग सिर्फ प्रतिबद्धता ही व्यक्त करते हैं और कुछ काम नहीं करते हैं, तो जनता चुप नहीं बैठने वाली हैं । क्योंकि जनता जागरुक हो चुकी हैं । हम लोगों के द्वारा क्या हो रहा है, वे सब देख रही हैं । इसलिए अगर कोई राजनीति को सिर्फ बातों–बात में ही सीमित करती है, तो उसकी राजनीति आगे बढ़ने वाली नहीं है । नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में हर सकारात्मक परिवर्तन सम्भव है । कांग्रेस ऐसी पार्टी है, जो अपने द्वारा सम्भव काम को ही व्यक्त करती है, अन्य पार्टियों की तरह बड़ी–बड़ी और असम्भव प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं करती । सूर्यविनायक नगरपालिका के लिए मेरे द्वारा प्रस्तुत प्रतिबद्धता में ऐसी कोई भी चीज नहीं, जो पूरी नहीं की जा सकती ।
० मौजूदा राजनीतिक विवाद के कारण ही चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं । दूसरे चरणों के चुनाव से पहले संविधान संशोधन करना है । अभी तक संविधान संशोधन सुनिश्चित नहीं हो रहा है । क्या कहते हैं आप ?
– जितना भी विवाद किया जाए हम सभी को चुनाव में जाना ही है । संविधान संशोधन संबंधी विषयों को लेकर शीर्ष नेतृत्व में जो विवाद दिखाई दे रहा है, वह समाधान उन्मुख है । दूसरे चरणों के चुनाव तयशुदा समय में ही संपन्न होगा, इसमें मैं विश्वस्त हूँ ।
० मधेश केन्द्रित राजनीतिक पार्टियों ने जो मांगें प्रस्तुत की हैं, उसमें आप का दृष्टिकोण क्या है ?
– मधेश केन्द्रीत राजनीतिक दलों ने जो मुद्दा उठाया है, कुछ तो जायज ही है । जिसे सम्बोधन करना चाहिए । लेकिन कुछ ऐसी भी मांगें देख सकते हैं, जो जनता केन्द्रित न हो कर नेता केन्द्रित है । अगर उन मांगों को पूरी की जाती है, तो मधेश में राजनीति करनेवाले नेता शक्तिशाली बन सकते हैं, लेकिन जनता नहीं । ऐसी मांगों को संबोधन करना चाहिए, यह नहीं हो सकता । दूसरी बात, राजनीति में ‘मेरो गोरुको बाह«ै टक्का’ कह कर अगर कोई जिद करते हैं, तो हम लोग कभी भी आगे नहीं बढ़ पाएंगे । अगर साफ नीयत रखकर संवाद में बैठते हैं, तो हर समस्या का हल किया जा सकता है ।Bisnuraj Karki 1

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