Mon. Nov 19th, 2018

श्रमिकों की पारिश्रमिक के लिए बैंक खाता और सञ्चय कोष अनिवार्य

काठमांडू, २९ मई । अब हर रोजगारदाता कम्पनी के लिए अपनी श्रमिकों को पारिश्रमिक देते वक्त अनिवार्य बैंक खाता प्रयोग करना पड़ेगा, ऐसा श्रम नियम आ रहा है । आइतबार मन्त्रिपरिषद् से पारित श्रम नियमावली के अनुसार रोजगारदाताओं की ओर से श्रमिकों के लिए उपलब्ध कराया जानेवाला पारिश्रमिक अनिवार्य बैंक खाता से ही भुक्तानी करना पड़ेगा । इस के साथ–साथ नयां नियम के अनुसार हर श्रमिकों के लिए सञ्चय कोष की व्यवस्था भी करनी पड़ेगी ।
उल्लेखित व्यवस्था कार्यान्वयन के लिए रोजगारदाताओं को लक्षित कर मार्गनिर्देशन नियमावली भी तैयार हो रहा है । इस के लिए श्रम तथा रोजगार मन्त्रालय की पहल में ‘श्रमिक बैंक खाता’ सञ्चालन संबंधी निर्देशिका भी तैयार हो रहा है । निदेशिक लागू होने के बाद अगर कोई रोजगारदाता एक साल के अन्दर किसी भी व्यक्ति को १५ दिन से अधिक समय काम में लगाते हैं तो, उनकी पारिश्रमिक अनिवार्य रुप से बैंकिङ प्रणाली से भुक्तान करना पड़ता है ।
श्रम नियमावली औद्योगिक, व्यावसायिक, निर्माण और घरेलु कामदार के लिए लागू होगी । अर्थात् हर प्रकार की कामदारों को बैंक खाते से ही पारिश्रमिक भुक्तान करना पड़ेगा । श्रम तथा रोजगार मन्त्रालय का कहना है कि कानुन से निर्धारित अर्थात् सम्झौता के अनुसार पारिश्रमिक न देनेवाले रोजगारदाताओं को लक्षित कर यह नियमावली लाया गया है । नयाँ नियमावली के जरिए न्यूनतम पारिश्रमिक न देकेर सिर्फ कागजों में पारिश्रमिक देखाकर काम में लगानेवाले प्रवृत्ति को अन्त्य किया जा सकता है, ऐसा विश्वास किया गया है ।
रोजगार दाता फर्म में नियमावली कार्यान्वयन हो रहा है या नहीं, इसके लिए कम्पनी तथा फर्म नवीकरण के समय में जाँच किया जाएगा । अर्थात् हर साल फर्म नवीकरण (अथवा अडिट) करते वक्त कर्मचारियों की ‘बैंक स्टेटमेन्ट’ अनिवार्य किया जाएगा । अगर कोई कम्पनी न्यूनतम परिश्रमिक नहीं देता है तो उसी वक्त कारवाही हो सकती है । ऐसी व्यवस्था लागू होने के बाद सामाजिक सुरक्षा कोष में भी रकम वृद्धि होगी, ऐसा विश्वास सरकार का है ।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of