Thu. Nov 15th, 2018

संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रोहिंग्या मुसलमानों की मदद की अपील की

१५ सितम्बर

संयुक्त राष्ट्र, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से म्यांमार से विस्थापित हुए रोहिंग्या मुसलमानों की मदद की अपील की है। 25 अगस्त से म्यांमार के रखाइन प्रांत में हिंसा भ़़डकने के बाद वहां से करीब सवा तीन लाख मुस्लिम भागकर बांग्लादेश आ गए हैं। ये विस्थापित अभावों के बीच बांग्लादेश के शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं।

इस बीच, म्यांमार की नेता आंग सान सू की ने देश की रोहिंग्या समस्या के चलते संयुक्त राष्ट्र की महासभा में शामिल न होने का फैसला किया है।

हिंसा की शुरआत 25 अगस्त को तब हुई जब अराकान रोहिंग्या मुक्ति सेना नाम के आतंकी संगठन ने म्यांमार पुलिस और सेना के ठिकानों पर हमले शुरू किए। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने रोहिंग्या बहुल इलाकों को निशाना बनाया। इसी के बाद रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार छोड़कर भागे। ताजा हिंसा में करीब चार लाख रोहिंग्या मुस्लिम देश छोड़कर भाग चुके हैं। म्यांमार में उनकी कुल आबादी करीब 11 लाख थी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा है कि म्यांमार के हालात दिल दहला देने वाले हैं। वहीं, रोहिंग्या मुस्लिमों को समर्थन देने वाले आतंकी संगठन अलकायदा ने भी म्यांमार को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।शांति और सुरक्षा के लिए तत्काल कार्य जरूरी म्यांमार के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता जा ते ने कहा, ‘स्टेट काउंसलर आंग सान सू की ने संयुक्त राष्ट्र आमसभा में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क का दौरा दो वजहों से रद्द किया है। रखाइन प्रांत में आतंकी हमलों की वजह से जो हालात बने हैं उसके चलते शांति और सुरक्षा के लिए तत्काल काम किया जाना आवश्यक है। खुफिया रिपोर्ट हैं कि देश पर आतंकी हमलों का खतरा भी ब़़ढ गया है। ऐसे में नेता सू की का देश में रहना आवश्यक है।

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

avatar
  Subscribe  
Notify of