Sun. Sep 23rd, 2018

संविधान में संशोधन हो सकता हैः प्रधानमन्त्री ओली

काठमांडू, २९ जून । प्रधानमन्त्री केपीशर्मा ओली ने कहा है कि जनता की मांग और चाहना अनुसार संविधान संशोधन हो सकता है । शुक्रबार आयोजित संसद् बैठक को सम्बोधन करते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘संविधान अपरिवर्तनीय नहीं है, आवश्यकता और औचित्य के आधार में इसमें निरन्तर संशोधन किया जा सकता है । मैंने कभी भी नहीं कहा है कि इसमें संशोधन नहीं होगा ।’ प्रधानमन्त्री को यह भी कहना है कि अभी जनता की मांग और चाहना विकास है ।
अपने संबोधन के क्रम में प्रधानमन्त्री ओली ने आगे कहा– ‘संविधान को कार्यान्वयन करने के लिए ही चुनाव हो गया है, अभी ७ प्रदेश सरकार संचालित है । ७ सौ ५३ स्थानीय तह है । उक्त निकाय की ओर से बजट भी बनाया गया है, विकास कैसे हो सकता है, उसमें सभी सक्रिय हो रहे है ।’ उनका यह भी कहना है कि संघ में रहे दोनों सदन भी विकास के लिए ही विचार–विमर्श में है । उनका यह भी मानना है कि भ्रष्टाचार नियन्त्रण और सुशासन भी आज आवश्यकता है ।
प्रधानमन्त्री ओली ने नेपाली कांग्रेस की ओर संकेत करते हुए कहा कि बाजारीया प्रचारों की तरह आज लोकतन्त्र खतरे में नहीं है । आर्थिक वर्ष के लिए विनियोजित विधेयक के ऊपर की गई प्रश्नों का जवाफ देते हुए प्रधानमन्त्री ओली ने कहा– ‘बाजार में प्रचार किया जा रहा है कि सरकार की ओर से अधिनायकवाद आनेवाली है, इस तरह का त्रास फैलाना ठीक नहीं है । वर्तमान सरकार से संघीयता और गणतन्त्र को कोई भी खतरा नहीं है । सरकार तो लोकतन्त्र को और भी प्रभाकारी और सुदृढ बनाने के लिए लगा हुआ है ।’ उनका कहना है कि अगर कोई लोकतन्त्र को समाप्त करना चाहता है तो भी जनता ऐसा होने नहीं देंगे, लोकतन्त्र को छीन लेनेवालों को ही समाप्त करने की ताकत जनता में है ।

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