Sat. Nov 17th, 2018

सर्वोच्च ने नेकपा को किया प्रश्न– पार्टी दर्ता क्यों बदर नहीं किया जाए ?

काठमांडू, १७ जून । सर्वोच्च अदालत ने नेपाल कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) को ‘पार्टी बदर क्यों नहीं किया जाए ?’ कहते हुए प्रश्न किया है । ३३ प्रतिशत महिलाओं की संख्या बिना ही नेकपा ने गत जेष्ठ २३ गते निर्वाचन आयोग में दल दर्ता किया था । इसी प्रसंग को लेकर १४ अधिवक्ताओं ने नेकपा दल दर्ता बदर करने के लिए सर्वोच्च में रिट दायर किए थे । रिट के ऊपर सुनवाई करते हुए आइतबार सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश अनिल कुमार सिन्हा ने नेकपा के साथ इस तरह का प्रश्न किए हैं ।
न्यायाधीश सिन्हा ने अपने फैसला में ३३ प्रतिशत महिला न होने के कारण दल दर्ता बदर क्यों नहीं किया जाए, कहते हुए कारण देखाऊ आदेश जारी किया है । स्मरणीय है, संवैधानिक प्रावधान के अनुसार हर राजनीतिक दल के केन्द्रीय समिति में ३३ प्रतिशत महिलाओं की संख्या होना अनिवार्य है ।

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