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सौरव गांगुली होंगे भारतीय क्रिकेट टीम के नए कोच

कोलकाता। के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली यदि भविष्य में मुख्य बन जाएं तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। भारतीय टीम के वर्तमान कोच का अनुबंध मई 2015 में खत्म हो रहा है। यह संभावना काफी प्रबल दिखाई दे रही है कि गांगुली उनका स्थान ले सकते हैं।saurav gaungly

गांगुली से जब यह पूछा गया कि क्या वह भारत का अगला कोच बनने के दावेदार हैं तो उन्होंने कहा, ‘मैं पहली बार यह सुन रहा हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। कयास मत लगाइए। कोई अंदाजा मत लगाइए।’
एक अखबार की खबर में बंगाल क्रिकेट संघ के अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि गांगुली ने डालमिया के सामने कोच बनने की इच्छा जताई है लेकिन क्रिकेटर से प्रशासक बने गांगुली ने इससे इनकार किया है।
यह पूछने पर कि क्या इस संदर्भ में उनकी डालमिया के साथ बात हुई है, गांगुली ने कहा, ‘नहीं, ये सब कौन कह रहा है।’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (बीसीसीआई) किसी ने बात नहीं की है और ना ही मैंने उनसे बात की है। यह सच्चाई है और मैं इस पर कायम हूं।’
उन्होंने कहा, ‘मैं उनसे कैब के कारण रोज मिलता हूं। वह अध्यक्ष हैं और मैं कैब का संयुक्त सचिव।’ खबर में साथ ही कहा गया कि का एक वर्ग एक अन्य पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ को अगला कोच बनाना चाहता है।

गांगुली ने कहा कि द्रविड़ और उनमें दोनों में यह जिम्मेदारी निभाने की क्षमता है। उन्होंने कहा, ‘दोनों अच्छे कोच हो सकते हैं। राहुल शानदार खिलाड़ी थे।’

भले ही गांगुली या फिर बीसीसीआई नए कोच के बारे में अपने पत्ते नहीं खोल रहा है लेकिन सूत्रों का कहना है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के मुखिया जगमोहन डालमिया के गुडलिस्ट में सबसे पहला नाम गांगुली का ही है।
पूर्व में जब डालमिया बीसीसीआई के अध्यक्ष हुआ करते थे, तब सचिन तेंदुलकर से कप्तानी छीनकर सौरव गांगुली को भारतीय टीम का नया कप्तान बनाया था और अपने कार्यकाल में गांगुली विदेशी धरती पर भारत के सबसे सफल और आक्रामक कप्तान भी साबित हुए थे। उनकी सफल कप्तानी का कीर्तिमान इसी वर्ष महेंद्र सिंह धोनी ने तोड़ा था।
वैसे भारतीय टीम के कोच के लिए राहुल द्रविड़ का नाम भी सामने आ रहा है लेकिन जब द्रविड़ और गांगुली में रेस होगी तो जीत गांगुली की ही होगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड भी अब मन बना चुका है कि भविष्य को देखते हुए टीम इंडिया के लिए विदेशी के बजाय देशी कोच के हाथों में ही बागडोर सौंपी जाए।
source:webduniya

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