Sun. Sep 23rd, 2018

हिन्दी भी हमारी भाषा है, हम मधेशी हिन्दी बोलते हैं : उपेन्द्र यादव

 

संघीय समाजवादी फोरम नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने हिन्दीको सरकारी काम काज की भाषा बनाने की मांग की है । यादव स्पष्ट किया कि हिन्दी भारतीयों की भाषा नहीं है बल्कि यह तराई की भाषा है । यादव का कहना है कि आज जिस नेपाली भाषा का हम प्रयोग कर रहे हैं वह भारत से आई हुई भाषा है, जिसे हमने स्वीकार किया है । नेपाली भाषा का नामकरण गोरखा राज्य के बिस्तार के साथ हुआ है जिस तरह कसमीर से खस, सिञ्जा से सिञ्जाली, पर्वत से पर्वतीय आदि भाषा बनी है उसी का भाषा का बिस्तार गोरखा भाषा होते हुए नेपाली हो गई ।
हिन्दी भी हमारी भाषा है । हम मधेशी हिन्दी बोलते हैं । नेपाल में तराई बहुत बाद में आई इसके बहुत पहले से हिन्दी का प्रयोग वहां होता रहा है । ठेठ नेपाली भाषा अगर है तो वह नेवार की भाषा नेपाल है । यादव ने कहा कि आज के समाज में भाषा में राष्ट्रियता न देखे । हिन्दी भाषा बोलने से अगर यह माना जाता है कि भारत का प्रभाव पडेÞगा तो अंग्रेजी का प्रयोग से क्यों नहीं । नेपाली भी भारतीय भाषा है और भारत के संविधान में सूचीकृत है । इसलिए भाषा में संकीर्णता का त्याग करना पडेगा हिन्दी और नेपाली एक ही परिवार की भाषा है । इतना ही नहीं ऊर्दु नेपाली हिन्दी मैथिली नेवारी तिब्बतीयन सभी एक ही परिवार की भाषा है ।
अब तो वो वक्त है जब आने वाली पीढी हिन्दी तो क्या नेपाली भी कुछ दिन में नहीं बोलेंगे इसीलिए भाषा में संकीर्णता न पाले ।
हिन्दी सहित अन्य भाषाओं का अगर प्रयोग किया जाता है तो इससे हमारी राष्ट्रीयता कमजोर नहीं हो सकती इससे हमें ही फायदा होगा । अभी भारत में ६० लाख नेपाली काम कर रहे हैं वो धड़ल्ले से हिन्दी का प्रयोग करते हैं । और आप देखिए कि क्या नेपाल में हिन्दी बोलकर रोजगार मिलता है ? तो यह नुकसान की बात कहाँ से आ गई ?

 

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