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बिल गेट्स ने पाँच साल पहले भविष्यवाणी की थी, चीन से फैलेगा जानलेवा वायरस

 

वाशिंगटन।

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से परेशान है। मौतों का आंकड़ा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस वायरस का अंदाजा कभी किसी को नहीं था। साल 2015 में इस वायरस के संक्रमण को लेकर Microsoft के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने भविष्यवाणी की थी मगर उनकी भविष्यवाणी को गंभीरता से नहीं लिया गया। जिसका नतीजा आज सभी के सामने है। साल 2019 में नेटफ्लिक्स को दिए गए एक इंटरव्यू में भी गेट्स ने कहा था कि ये महामारी चीन की मार्केट से ही शुरू होगी और पूरी दुनिया इसका शिकार होगी जो आज सच दिखाई दे रही है।

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फैलेगी वैश्विक महामारी

साल 2015 में उन्होंने कहा था कि कुछ सालों के बाद एक वैश्विक महामारी फैलेगी ये लाखों लोगों की जान लेगी और विश्व की अर्थव्यवस्था को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित करेगी। ये वायरस दूसरे विश्व युद्ध में मारे गए लोगों से अधिक लोगों की जान लेगा और अन्य नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने ये बातें 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान कहीं थी। फिलहाल दुनिया भर में कोरोना वायरस से 2 लाख 36 हजार लोग संक्रमित हैं, इसकी चपेट में आने से 9,700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन दिनों दुनिया के हालात दूसरे विश्व युद्ध और साल 1918 में फैले स्पेनिश फ्लू के जैसे हो गए हैं। इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा था कि यदि धनी देशों ने इस दिशा में तुरंत ही कदम उठा लिया और युद्ध स्तर पर तैयारी कर ली तो वो कोरोना वायरस के संक्रमण से अपने को बचा सकेंगे अन्यथा की स्थिति में परिणाम घातक ही होंगे।

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युद्ध से अधिक खतरनाक वायरस

गेट्स ने कहा कि अगर अगले कुछ दशकों में कोई भी चीज 10 मिलियन से अधिक लोगों को मारती है तो यह एक युद्ध के बजाय एक अत्यधिक संक्रामक वायरस होने की संभावना है। इतनी अधिक मौतें मिसाइल से नहीं, लेकिन रोगाणु से जरूर हो सकती हैं। गेट्स ने कहा कि हाल ही में इबोला वायरस के प्रकोप के बाद भी वैश्विक महामारी की संभावना सरकारों द्वारा अनदेखी की गई थी। इबोला ने 2013 और 2016 के बीच पश्चिम अफ्रीका में 11,000 से अधिक लोगों की हत्या की, मुख्य रूप से गिनी, लाइबेरिया और सिएरा लियोन में। गेट्स ने कहा कि उस समय दुनिया के बाकी देश भाग्यशाली थे जिनको इबोला के प्रकोप का सामना नहीं करना पड़ा था, ये उस समय तक पश्चिम अफ्रीका तक सीमित था। उन्होंने कहा कि इबोला की एक खासियत ये भी थी कि वो शहरी क्षेत्रों में नहीं फैला था।

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ऐसे वायरस के लिए कोई तैयारी नहीं

मगर हर बार हम इतने भाग्यशाली हो ये संभव नहीं है। गेट्स ने पश्चिमी सरकारों से महामारी को उसी तरह देखने का आग्रह किया जिस तरह से वे सैन्य खतरों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि जब देश भविष्य के सैन्य संघर्ष की तैयारी के लिए ’वॉर गेम्स’ के रूप में जाने जाने वाले अभ्यास चलाते हैं तो इसे व्यापक बीमारी के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने के लिए known जर्म गेम ’के रूप में ज्ञात सिमुलेशन भी चलाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि तमाम देश परमाणु युद्ध के लिए तमाम तरह से पैसे खर्च कर रहे हैं कई देशों ने तो बहुत बड़ी रकम इसमें लगा दी है लेकिन वो इस तरह की महामारी को रोकने के लिए कोई काम नहीं करते हैं। कई तो इस तरह की बीमारियों के बारे में सोचते ही नहीं है जिसका परिणाम घातक दिखता है। इस वजह से ये कहने में कोई गुरेज नहीं है कि हम इस तरह की किसी महामारी के लिए तैयार नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि अगर महामारी के लिए बेहतर तैयारी करने के लिए कुछ नहीं किया गया तो वह समय आएगा जब दुनिया पीछे मुड़कर देखेगी और चाहती है कि उसने संभावित टीकों में अधिक निवेश किया हो। उन्होंने कहा कि अगर आप ऐसा कुछ भी सोचते हैं जो लाखों लोगों की जान ले सकता है, तो एक महामारी हमारा सबसे बड़ा जोखिम है। वर्तमान कोरोनावायरस प्रकोप को देख रहे वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि यह सांप और चमगादड़ से आता है। जानवरों को जो वुहान समुद्री भोजन बाजार में बेचा गया था, मारे जाने और खाने से पहले। पिछले महामारी चीन में भी उत्पन्न हुई है, जैसे कि एसएआरएस का प्रकोप जो चमगादड़ और सिवेट बिल्लियों से आया है।

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प्रत्येक दिन मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और मरने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। हॉन्गकॉन्ग और चीन के वैज्ञानिक इस वायरस की वैक्सीन खोजने और उपयोग के लिए इसका परीक्षण करने के लिए लगे हुए हैं। वर्तमान महामारी के बारे में पूछे जाने पर, गेट्स ने सभी से ‘शांत रहने’ का आग्रह किया और दावा किया कि हाल के कुछ दिन बहुत खतरनाक है। ऐसे में सावधानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब तक इस बीमारी का टीका विकसित नहीं किया जाता तब तक इससे बचाव ही जरूरी है। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक ने 18 मार्च, 2020 को रेडिट पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ सत्र के दौरान कोरोनोवायरस संकट पर अपने विचार भी साझा किए थे।

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