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नेपालगन्ज में ६२ कृत्रिम अंग निःशुल्क बितरण किया गया ।

 

नेपालगन्ज । पवन जायसवाल । नेपाल राष्ट्रीय मारवाडी युवा परिषद् के आयोजन तथा अखिल भारतीय मारवाडी युवा मन्च के आर्थिक और प्राबिधिक सहयोग से  मध्य और सुदूर पश्चिम क्षेत्र के ५७ लोगों को  नेपालगन्ज में आयोजित एक कार्यक्रम में ६२ कृत्रिम अंग निःशुल्क बितरण किया गया है ।
मध्य और सुदूर पश्चिम क्षेत्र के १३० अपाङ हुये लोगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण किया गया। शिविर में नाम दर्ता कराए लेकिन ८७ लोग केवल उपस्थित हुयें थे । और उन लोगों मे  से ५७ लोगों को ६२  कृत्रिम अंग वितरण किया गया । नेपालगन्ज मारवाडी युवा मञ्च  ने जानकारी दिया है।
कृत्रिम अंग पाने वाले १५ महिला, ५ बालबालिका और ३७ पुरुष हैं । मञ्च के अध्यक्ष अवनिश अग्रवाल के अनुसार इसी माघ १ गते नेपालगन्ज में इनलोगों को बुलाकर तीन दिन तक खाना सहित ठहरने का ब्यवस्था किया गया और कृतिम अंग बनवाकर वितरण भी किया गया ।

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इस पवित्र काम के लियें अखिल भारतीय मारवाडी युवा मञ्च ने कृतिम अंग और ५ प्राबिधिक बिशेसज्ञ भारत की राजधानी नयाँ दिल्ली से नेपालगन्ज में उपल्वध कराया गया था । मारवाडी सेवा परिषद् बाँके जिला के अध्यक्ष सतीश चन्द्र अग्रवाल नें बताया कि शिविर में २५ लाख रुपैया खर्च हुआ केवल १५ दिन पहले ही शिविर करने का योजना बनायी गयी  थी । उन्होने कहा कि कम समय होने के कारण ज्यादा लोगों को जानकारी नही मिल पायी  इस लियें अधिक तर लोगों  कृतिम अंग से बञ्चित हो गयें ।
पैर में बचपन से ही पोलियो होने के कारण  चल नही पा रहे थे नरेन्द्र बहादुर शाही लेकिन कृतिम पैर लगाकर चल्ने के बाद वे खुशी से अपने आँशु को रोक नही पायें । उन्होने कृतिम पैर देकर परोपकार करने वाले सभी को धन्यबाद दिया और इसी तरह और अपाङ हुयें लोगों को सहयोग करने के लिये अनुरोध भी किया ।
शाही के अलावा कृतिम अंग पाने के बाद असेन्द्र कुमार मिश्र्र, तुल्सीराम, और अमृता कुमारी चौधरी ने खुशी होकर नाच-गान भी करने लगें । अपाङता अभियान अन्र्तगत इस कार्यक्रम में कृतिम अंग बितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ नेपालगन्ज पुनरावेदन अदालत के मुख्य न्यायाधीश केशव प्रसाद मैनाली ने तुलसीराम चौधरी को कृतिम पैर देकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया था । इस अवसर में मुख्य न्यायाधीश ने कहा  कि नेपाल में रहते आ रहे मारवाडी लोगों को उद्योग ब्यवसाय में खयाती मिला है । अपाङ हुये लोगों को कृतिम अंग बितरण बहुत बरा काम किया । जो लोग को चल फिर नही सकते थे उनको कृतिम अंग दिया यह एक परोपकार काम है । परोपकार ही असली धर्म होने के नाते परोपकार करने के लियें कहा ।
इस अवसर पर नेपालगन्ज पुनरावेदन के न्यायाधीश शिवराज अधिकारी, बाँके जिला के प्रमुख जिला अधिकारी ढुण्डीराज पोखरेल, नेपालगन्ज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष सतीश अग्रवाल, मारवाडी सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश चन्द्र अग्रवाल, नेपाल पत्रकार महासंघ बाँके जिला के अध्यक्ष  शुक्रऋषि चौलागाई लगायत लोगों ने कृतिम पैर बितरण किया । नेपाल पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष ने कहा कि मानबीय सेवा से बरा और कोइ सेवा नही है । मारवाडी सेवा समिति परिषद् के अध्यक्ष ने बताया कृतिम पैर बितरण का  यह तीसरा अवसर है ।

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