अमेरिका ने माँगा वुहान लैब के स्टाफ का मेडिकल रिकॉर्ड
दुनिया भर में पिछले डेढ़ साल से कोरोना वायरस ने तबाही मचा रखी है। करोड़ों लोग इसकी चपेट में आए, जबकि लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई। वहीं चीन पर कोरोना वायरस को लैब में बनाने के आरोप लग रहे हैं। इस बीच, अमेरिका ने चीन से कोरोना वायरस की उत्पत्ति से जुड़ा एक सबूत मांगा है।
फाइनेंशियल टाइम्स ने गुरुवार को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के शीर्ष चिकित्सा सलाहकार एंथनी फौसी ने चीन से वुहान की लैब में काम करने वाले तीन लोगों का मेडिकल रिकॉर्ड जारी करने को कहा है। माना जा रहा है कि इन लोगों की मेडिकल रिपोर्ट इस बात का अहम सुराग दे सकती हैं कि कोविड-19 की उत्पत्ति पहली बार वुहान की लैब से ही हुई या नहीं।
फौसी ने कहा कि “मैं उन तीन लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड देखना चाहूंगा जिनके 2019 में बीमार होने की जानकारी सामने आई थी। क्या वे वास्तव में बीमार हुए थे, और यदि हां, तो कैसे?” वायरस की उत्पत्ति को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अभी भी उन रिपोर्टों की जांच कर रही हैं जिनमें कहा गया है कि COVID-19 मामलों के सामने आने से एक महीने पहले वुहान के वायरोलॉजी लैब में कुछ लोग गंभीर रूप से बीमार हुए थे।
वहीं, चीन अपनी लैब से वायरस लीक के इन आरोपों को लगातार खरिज करता रहा है। उसका कहना है कि वायरस वुहान में फैलने से पहले दूसरे इलाकों में फैला था। चीन का कहना है कि हो सकता है वायरस बाहर से आए खाने की शिपमेंट या जंगली जानवरों, व्यापार के जरिए चीन में फैला हो। डॉ. फासी ने बताया कि उनका मानना है कि कोरोना वायरस पहले जानवरों के जरिए इंसानों में फैला था। इस पर नए सिरे से फिर से जांच करना बेहद ही जरूरी है। इसकी जांच आगे जारी रहनी चाहिए।


