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सशस्त्र प्रहरी में भर्ती करा देने का प्रलोभन देनेवाले हवल्दार गिरफ्तार

 

SAM_3318नेपालगन्ज, (बाँके) पवन जायसवाल, २८अगस्त ।
सशस्त्र प्रहरी में भर्ती करा देने के प्रलोभन देखाकर पैसा असुल करने वाले पूर्व प्रहरी हवल्दार को प्रहरी ने भाद्र ११ गते गिरफ्तार किया गया।
सशस्त्र प्रहरी बल तालिम केन्द्र नौबस्ता बाँके के सशस्त्र प्रहरी निरीक्षक इश्वरीदत्त भट्ट और राजनलाल श्रेष्ठ की टोली ने कोहलपुर क्षेत्र में सादा पोशाक में जाजरकोट जिला कार्कीबाडा के  ३३ वर्षिय भक्तबहादुर सिंह को मंगलवार को कोहलपुर में पकड लिया किया ।
मंगलवार ही सार्वजनिक किये गये सिंह ने अपना नाम सशस्त्र प्रहरी निरिक्षक भरत सिंह बता रहे थे और बिभाग से भेजा गया हुँ कहकर बेरोजगार युवाओं को  ठगी करने वाले कार्य में संलग्न हो रहे थे ।
सिंह ने सशस्त्र प्रहरी का  लेटरप्याड और मानवस्रोत बिकाश बिभाग का एआइजी दुर्जकुमार राई के नाम से कुछ युवाओं को सशस्त्र प्रहरी निरीक्षक का नक्कली नियुक्ति– पत्र समेत भी  दिया था ।  सिंह सशस्त्र प्रहरी में रहते समय दो बर्ष लाइवेरिया में भी रहे थे । नेपाल प्रहरी से सशस्त्र प्रहरी में गए हुयें सिंह ने २०६४ साल में ही नौकरी छोड दिया था ।
कोहलपुर क्षेत्र में आराम से घुमफिर करते वक्त सिंह को सादा पोशाक में ही सशस्त्र प्रहरी बल तालीम केन्द्र नौबस्ता बाँके के सशस्त्र प्रहरी निरीक्षक इश्वरीदत्त भट्ट और राजनलाल श्रेष्ठ के टोली ने पक्राउ किया गया बताया ।
सशस्त्र प्रहरी ने अभियुक्त सिह को थप कारबाही के लियें बरामद हुआ कागजात और नगद सहित मंगलवार को ही ईलाका प्रहरी कार्यालय कोहलपुर को सुपुर्द कर दिया बताया ।SAM_3317
प्रहरी के अनुसार, सिंह इसे पहले बाँके जिला नौवस्ता के युवा राजु धिताल के हत्याकाण्ड में भी संलग्न अभियुक्त है । अभियुक्त सिह ने अपना नेपाल नागरिक पार्टी के केन्द्रीय  सदस्य होने का दाबी भी किया है । अभियुक्त सिंह से सशस्त्र प्रहरी ने  सशस्त्र प्रहरी अतिरिक्त महानिरीक्षक राई के नाम से  भदौ १ गते से तलब खाने वाले ६ लोग परीक्षार्थीयो को नियुक्ति का सिफारिस किया गया  पत्र के साथ ३२ हजार १ सौ ८५ रुपैया
नगद, दो थान मोबाइल भी बरामद किया सशस्त्र प्रहरी ने पत्रकार सम्मेलन करके जानकारी कराया ।
प्रहरी के अनुसार सिंह के पास से  बरामद पेन ड्राइभ में सशस्त्र प्रहरी निरीक्षक प्रकाश मल्ल के नाम रहा परिचय पत्र समेत भी मिला है । अभियुक्त ने प्रहरी का भर्ना वापत शुरु में १ लाख ५० हजार और बाद में १ लाख करके दो लाख ५० हजार लिया था ।  सशस्त्र प्रहरी ने दो हजार ६ सौ भर्ना खोला था ।
एक कपडा ब्यापारी का सशस्त्र प्रहरी स्वीटर का ठेक्का दिला देंगे कहकर १ लाख ठगी करके भी अनुसन्धान से मिला प्रहरी ने जानकारी दिया । बैक अफ काठमाण्डौ का बैक ग्यारेन्टी, भेरी अञ्चल बस तथा मिनीबस व्यवसायी संघ से प्राप्त गाडी धनी का प्रमाण– पत्र भी सिंह से प्रहरी ने बरामद किया है करके बताया गया है ।

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