जानकी मंदिर में भंडारा के लिए बिहार से कारीगर वुलाए गये

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । वैसे तो जानकी मंदिर में नित्य भंडारा होता ही हैं। इसलिए मंदिर का अपना रसोइया हैं। लेकिन विवाह पंचमी महोत्सव के अवसर पर वृहत भंडारा का आयोजन किया जाता है। भारत तथा नेपाल से आए सैकड़ों साधु संत तथा आम अतिथियों के लिए भंडारा आयोजन किया जाता है। सप्ताह व्यापी विवाह पंचमी महोत्सव के अवसर पर अंतिम दिन राम कलेवा (मर्याद) का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जिसमें पांच हजार से अधिक पंगहत(भोजन) करते है। जिसमें मिथिला व्यंजन परोसे जाते हैं। भंडारा वनाने के लिए बिहार के दरभंगा जिला के महुली गांव के राजू पोद्दार कॉन्ट्रेक्ट में 20कारीगर आए है जो भोजन बनाने में व्यस्त हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि मंदिर के तरफ से तय राशि दी जाती ही हैं लेकिन सबसे अधिक खुशी होती हैं कि भगवान का सेवा करने का मौका मिलता है। मेरे कारीगर के द्वारा बनाए गए व्यंजन साधु संत तथा अन्य लोग ग्रहण करते है। मेरे कारीगर द्वारा वनाए गए बिभिन्न प्रकार के पकवान तिलकोत्सव में भार गया।

