पंद्रह दिवसीय परिक्रमा गुरुवार से शुरू

जनकपुरधाम /मिश्री लाल मधुकर । मिथिला का पंद्रह दिवसीय परिक्रमा धनुषा जिला के कचुरी राम जानकी मंदिर से बाजा गाजे के साथ राम का डोला जनकपुरधाम के लिए प्रस्थान किए। डोला के साथ बड़ी संख्या में साधु संत तथा आम श्रध्दालु डोला के साथ जानकी मंदिर दर्शनके बाद डोला रत्न सागर मठ तथा अग्नि कुंड में बिश्राम के बाद डोला हनुमान गढी में रात्रि बिश्राम के बाद डोला कलना (भारत) पहुंचेगी। परिवार को डोला कलना में रुकेगी। फिर द्वितीया को फूलहर के बाद मटिहानी, मटिहानी के मड़ई, धुर्व कुण्ड, पर्वता, धनुषा धाम, सतोखर, औरही, करुणा, बिसौल होते हुए राम और सीता का डोला कलना को दर्शन के बाद जनकपुरधाम के बारहबीघा में रूकती है। फिर पंचकोशी परिक्रमा के बाद पंद्रह दिवसीय परिक्रमा समाप्त होता है। परिक्रमा के प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय लोगो द्वारा साधु संतो के भोजन की व्यवस्था करते है। परिक्रमा में आये यात्रियों की सुविधा के लिए पेयजल, प्रकाश तथा स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था की जाती है। परिक्रमा में अयोध्या, बनारस हरिद्वार, अहमदाबाद सहित भारत तथा नेपाल से साधु-संत, महंथ तथा नागा बड़ी संख्या में आए हैं। जनकपुरधाम के जानकी मंदिर, रत्न सागर, दुधमती मठ सहित अन्य मठों के परिक्रमा में खालसा लगाए गए हैं।

