विद्यापति जयंती के रुप मे पोयमाणडु का १०वाँ संस्करण
१३ दिसम्बर, बीपी कोइराला भारत नेपाल फाउंडेशन तथा भारतीय दूतावास व्दारा पोयमाण्डु का १०वें संस्करण का आयोजन नेपाल भारत पुस्तकालय में किया गया ।
पोयमाण्डु के १० वें संस्करण विद्यापति जयंती के रुप मेमनाई गयी । विद्यापति मैथिली के कवि कोकिल के रूप में जाने जाते हैं । विद्यापति एक प्रख्यात मैथिली कवि और संस्कृत के लेखक भी थे । इसके अलावा मैथिली कविता की महाकवि के रूप में जानेजाते हैं । विद्यापति की कविता बंगाली और अन्य पूर्वी साहित्यिक भाषाओं के साथ ही हिंदी में भी व्यापक रूप से प्रभावशाली मानी जाती है । विद्यापति व्दारा लिखे गये रोमांटिक गीत पूर्वी भारत में राधा और लोकप्रिय कृष्णा के बीच पेचीदा रिश्ता उजागर करती है । भगवान शिव की पूजा के रूप में लिखी गइ गाने अभी भी मिथिला में गूँज और लोक गीतों की एक समृद्ध परंपरा के रूप में कायम है ।
कार्यक्रम में प्रख्यात विद्वान और लेखक डा. राम दयाल राकेश और डा. गंगा प्रसाद अकेला व्दार विद्यापति के साहित्य पर प्रकाश डालते हुये उन्होने कहा कि मैथिली साहित्य में विद्यापति द्वारा किए गए अमूल्य योगदान आज भी मैथिली में बेहतरीन यादगार बना हुआ है ।
कार्यक्रम मे विनीत कुमार , काली कांत झा , श्याम शेखर झा , अमरेनदर यादव , उदय चंद्र दास , रूपा झा , विजित चौधरी और कमल मंडल मैथिली में कविताओं का पाठ करके उनको श्रद्धांजलि दी ।
पोयमाणडु भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित लोकप्रिय कार्यक्रमों में से एक है ।


