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Dhakiya (2)नेपालगन्ज, (बाँके) पवन जायसवाल पुष ८ गते ।
बर्दिया जिला के ठाकुरद्धारा में प्राकृतिक रेशा (कसुना) में आधारित आधुनिक तथा थारु समुदाय का परम्परागत गोंरी, ढकिया बीनने का तालीम सम्पन्न हुआ है । Dhakiya (2) Dhakiya (3)
बर्दिया राष्ट्रिय निकुञ्ज के सहायक संरक्षण अधिकृत रमेश थापा के प्रमुख आतिथ्यत में  और बर्दिया प्रकृति संरक्षण क्लब के सचिव राजन चौधरी के सभापतित्व में यह प्रोग्राम सम्पन्न हुआ था ।
थारु परम्परा को निरन्तरता दिने के लिये  और उनका जीवनस्तर आगे बढाने के लियें  परम्परागत थारु सामाग्रीयों गौंरी, ढकीया, टोपी, पेन होल्डर लगाएत की सामाग्री बनाने के लियें तालीम दिया गया था ।
थारु जातीयो ने परम्परागत रुप में निकुञ्ज के अन्दर मिलने वाला  हाथीयों का प्रमुख आहार सीरु जैसे देखने वाल पुँजा और कसौजा नामक झारों से ऐसा सामग्री बनाते आ रहे है ।
निकुञ्ज और होमस्टे डल्ला घुमने आने वाले आन्तरीक तथा वाहर के पर्यटकों ने ये सामाग्री सहज तरीके  से कमरे घर को  सजाने के लियें अत्याधिक मात्रा में खरीदकर लेजाते है ।
थारु संस्कृित और प्रकृितक संरक्षण के लियें नेपाल पंक्षी संरक्षण संघ के आर्थिक सहयोग में तथा बर्दिया प्रकृित संरक्षण क्लव के आयोजन में तालीम संचालन किया गया बर्दिया प्रकृति संरक्षण क्लव के सचिव राजन चौधरी ने जानकारी दी है ।



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