Sun. May 24th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सुख-समृद्धि दिलाता है राधा अष्टमी व्रत, जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

 

4 सितम्बर


हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधाष्टमी का व्रत रखा जाता है। यह तिथि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद आती है। इस साल राधाष्टमी व्रत 4 सितंबर 2022 को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की विधिवत पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है। महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। जानें राधाष्टमी शुभ मुहूर्त व पूजा विधि-

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 23 मई 2026 शनिवार शुभसंवत् 2083

 

राधाष्टमी 2022 शुभ मुहूर्त-

पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 03 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर शुरू होगी, जिसका समापन 04 सितंबर को सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, राधाष्टमी व्रत 04 सितंबर 2022 को रखा जाएगा।

पूजन मुहूर्त-

04 सितंबर को राधाष्टमी पूजन के शुभ समय सुबह 04 बजकर 36 मिनट से सुबह 05 बजकर 02 मिनट तक रहेगा।

यह भी पढें   आज का पंचांग: आज दिनांक 24 मई 2026 रविवार शुभसंवत् 2083

इसे भी पढ़ें: 17 सितंबर के बाद इन राशि वालों को होगा धन लाभ, इन जातकों के जीवन में आएंगी मुश्किलें

राधा अष्टमी व्रत की पूजा विधि-

-प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त हो जाएं।
-इसके बाद मंडप के नीचे मंडल बनाकर उसके मध्यभाग में मिट्टी या तांबे का कलश स्थापित करें।
-कलश पर तांबे का पात्र रखें।
– अब इस पात्र पर वस्त्राभूषण से सुसज्जित राधाजी की सोने (संभव हो तो) की मूर्ति स्थापित करें।
-तत्पश्चात राधाजी का षोडशोपचार से पूजन करें।
– ध्यान रहे कि पूजा का समय ठीक मध्याह्न का होना चाहिए।
-पूजन पश्चात पूरा उपवास करें अथवा एक समय भोजन करें।
– दूसरे दिन श्रद्धानुसार सुहागिन स्त्रियों तथा ब्राह्मणों को भोजन कराएं व उन्हें दक्षिणा दें।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *