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“प्रधानमंत्री का पचासिवां व्यञ्जन” : कवि विनोदविक्रम केसी

 

प्रधानमंत्री का पचासिवां व्यञ्जन

नेपाली से हिंदी अनुवाद: बिम्मी कालिन्दी शर्मा

“प्रधानमंत्री की रसोई”
कभी सोचा है आपने ?
ईस दरिद्र देश के
प्रधानमंत्री के रसोई में क्या–क्या पकता होगा ?

किसी दिन—
जब चावल–दाल–आटा–नमक–तेल सभी ने
जब मेरी रसोई से संवंध विच्छेद किया था,
तब
मै बहुत देर ईसी प्रश्न के
उहापोह में उलझा रहा था,

और, भुखे पेट
बहुत देर तक सोचने के बाद
मुझे मीला था यह जवाब—
कि प्रधानमंत्री के रसोई में
चौरासी की बजाय पचासी व्यञ्जन पकता है,

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और उस नंए
पचासिवां व्यञ्जन का नाम है— ‘खुनांसू’
अर्थात्, खुन और आंसू,

मैं आपसे और एक ज्ञान
बांटना चाहता हुं,
कि
यह प्रधानमंत्री का
सब से प्रिय ‘परिकार’ है । 💐👍

कवि विनोदविक्रम केसी

 

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