असमंजस में जसपा
काठमांडू, २० पुस —
माओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दाहाल को प्रधानमन्त्री बनाने में समर्थन किए गए जनता समाजवादी पार्टी (जसपा) ने शक्ति का सम्मानजनक वितरण होने और सरकार की नीति तथा कार्यक्रम को देखकर मात्र सत्ता में जाने या नहीं जाने का निर्णय करेगी ।
सोमवार और मंगलवार को पार्टी की राजनीतिक समिति बैठक में बिना शर्त सरकार में सहभागी नहीं होने का निर्णय लिया है ।
जसपा के प्रवक्ता मनीष सुमन ने बताया कि –संघीयता विरोधी से लेकर राजतन्त्र पुनर्बहाली करने के राजनीतिक मुद्दा को लकेर चलने वाले राजनीतिक दलों की साझेदारी रहने के कारण हम अपने आप में भी संशय में हैं । सरकार में राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी से लेकर राप्रपा तक की सहभागिता ने शंका उत्पन्न किया हुआ है । इसलिए इस सरकार की नीति तथा कार्यक्रम कैसी होगी यह हमारे लिए जिज्ञासा का विषय है । उन्होंने कहा कि नीति तथा कार्यक्रम को देखकर सरकार में सहभागी होंगे या नहीं का निर्णय करेंगे ।
सरकार के साझा कार्यक्रम के शक्ति वितरण में हम संलग्न नहीं होंगे । यदि हमारा मन मानेगा तभी कुछ कह सकते हैं एमाले उपाध्यक्ष तथा अर्थमन्त्री विष्णु पौडेल के संयोजकत्वमा बनी सरकार की साझा न्यूनतम कार्यक्रम मस्यौदा समिति में जसपा की ओर से नेता रकम चेम्जोङ प्रतिनिधित्व कर रहे हैं ।
वैसे चुनाव जीतकर आए अधिकांश सांसद सरकार में जानाा चाहते हैं लेकिन अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने पार्टी को सत्ता से बाहर रखना चाहते हैं । प्रधानमन्त्री दाहाल ने जसपा को २ मन्त्रालय लेकर सरकार में सहभागी होने का आग्रह किया है । अगर जसपा दोनों मंत्रालय लेकर सरकार में शामिल नहीं होती है तो उपेन्द्र यादव को डर है कि पार्टी का कही विभाजन न हो जाए । ये कोई पहली बार नहीं होगा । इससे पहले भी कई बार मन्त्री नहीं बन पाने के कारण से असन्तुष्ट नेताओं ने पार्टी विभाजन का काम किया है ।

