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डाक्टर ने किया चमत्कार, धड़ से अलग हुए सिर को फिर से जोड़ा

 

 

हम सभी भगवान गणेश की कहान‍ियां सुनते हुए बड़े हुए हैं कि कैसे भगवान शंकर ने उनका सिर काटने के बाद फ‍िर से जोड़ दिया था. यह पुराणों की बात थी. किसी ने इसे प्रत्‍यक्ष तौर पर देखा नहीं. लेकिन अब इजरायल के डॉक्‍टरों ने कुछ ऐसा ही चमत्‍कार कर दिखाया है. एक बच्‍चा जो बाइक चलाते समय कार की चपेट में आ गया था. हादसा इतना भयानक था कि उसका सिर धड़ से अलग हो गया. सिर्फ त्‍वचा से जुड़ा हुआ था. डॉक्‍टरों ने काफी मशक्‍कत के बाद उसे फ‍िर से जोड़ दिया. दुनियाभर के डॉक्‍टर इसे चमत्‍कार बता रहे हैं और इजरायल के डॉक्‍टरोंं की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

डेली मेल ने द टाइम्‍स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के हवाले से बताया, फ‍िल‍िस्‍तीन के रहने वाले 12 वर्षीय सुलेमान हसन बाइक से जा रहा था, तभी कार ने उसे जबरदस्‍त टक्‍कर मारी. इससे उसकी खोपड़ी का आधार और रीढ़ की हड्डी का ऊपरी हिस्सा अलग हो गया. गनीमत थी कि त्‍वचा जुड़ी हुई थी. ऐसा तब होता है जब सिर पर अचानक तेज चोट की वजह से रीढ़ की हड्डी के शीर्ष कशेरुक पर खोपड़ी को रखने वाले स्नायुबंधन और मांसपेशियां फट जाती हैं. इस तरह की चोट बहुत रेयर होती है. रीढ़ की हड्डी की चोट के दुनिया में जितने भी मामले आए हैं, उनमें एक प्रत‍िशत से भी कम मामले ऐसे देखने को मिलते हैं.

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डॉक्‍टरों ने एक महीने तक खुलासा नहीं किया
सुलेमान को तुरंत यरूशलम की ट्रॉमा यूनिट ले जाया गया और तुरंत सर्जरी की गई. डॉक्‍टरों ने लंबे ऑपरेशन के बाद उसे जोड़ने में सफलता प्राप्‍त कर ली. चोट तो जून में ही ठीक हो गई लेकिन डॉक्‍टरों ने एक महीने तक इसका खुलासा नहीं किया, क्‍योंकि वह पूरा नतीजा देखना चाहते थे. बता दें कि ऐसे मामलों में 70 फीसदी मरीजों की तुरंत मौत हो जाती है. मरीज का ऑपरेशन करने वाले सर्जनों में से एक डॉ. ओहद इनाव ने द टाइम्स ऑफ इज़राइल को बताया, हमने लड़के के जीवन के लिए संघर्ष किया और आख‍िरकार विजय पाई. उन्‍होंने बताया कि सर्जरी तभी संभव है जब खून की नसें बरकरार हों, क्‍योंकि मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बना रहना चाह‍िए. इस बच्‍चे के साथ ऐसा ही था. उसकी सभी नसें बची हुई थीं.

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सौभाग्य से डॉ. इनाव हाल ही में टोरंटो में एक फ़ेलोशिप से लौटे थे, जहां उन्होंने वयस्कों की सर्जरी की थी. उन्‍होंने कहा, यह प्रक्रिया अपने आप में बहुत जटिल है और इसमें कई घंटे लग गए. ऑपरेटिंग रूम में रहते हुए हमने क्षतिग्रस्त जगह नई प्लेटें लगाईं और फ‍िक्‍स किया. हमारे पास जितना ज्ञान था सब झोंक दिया. सुलेमान को सर्वाइकल स्प्लिंट के साथ छुट्टी दे दी गई है, लेकिन डॉक्टर उसकी रिकवरी की निगरानी कर रहे हैं. आप जानकर हैरान होंगे कि उसे कोई न्यूरोलॉजिकल समस्‍या नहीं आई है. वह बिना किसी की मदद के चल सकता है. सुलेमान के पिता ने कहा, मेरे प्यारे इकलौते बेटे को बचाने के लिए मैं जीवन भर सभी डॉक्‍टरों का आभारी रहूंगा.

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