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अन्य देशों ने अपने नागरिकों का उद्धार कर लिया है, बंकर में सिर्फ नेपाली नागरिक

काठमांडू 9 अक्टूबर



इजराइल और गाजा के बीच शनिवार से युद्ध जारी है. उस युद्ध में 10 नेपाली छात्र मारे गये। हवाई हमलों के साथ आतंकी हमले जारी हैं. जिससे नेपाली काफी परेशान हैं। वे लगातार बचाव की गुहार लगा रहे हैं. किन्तु इन्हें अभी तक बचाया नहीं जा सका है।

कृषि एवं वानिकी विश्वविद्यालय के छात्र अजुर्न गिरि के मुताबिक, दूसरे देशों के नागरिकों को आनन-फानन में बचाया गया. हालाँकि, युद्धग्रस्त इलाकों के पास मौजूद नेपाली छात्रों को शनिवार से बचाया नहीं गया है। उन्होंने कहा कि उनके साथ मौजूद थाईलैंड, इजराइल और अन्य देशों के छात्रों को बचा लिया गया. हमने दूतावास को बार-बार फोन किया और बचाव की गुहार लगाई।’ वो बस यही कह रहे हैं कि लोकेशन भेज दीजिए परन्तु कुछ कर नहीं रहे है‌ं ।
सुदुरपश्चिम यूनिवर्सिटी के 20 छात्रों को दूसरे इलाके में ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि वे जिस बंकर में रह रहे हैं, वहां से उन्हें निकालकर दूसरे स्थान पर ले गए हैं ।   शनिवार से ही अलग-अलग देशों के छात्र बंकरों में हैं.  दूसरे देशों के छात्रों और नागरिकों को बचा लिया गया है ।

वर्तमान में, कृषि विश्वविद्यालय के 39 छात्र ज़िमान फार्म में हैं। जो मिस्र की सीमा के पास है. यह मिस्र की सीमा से महज 500 मीटर की दूरी पर है. यह इलाका गाजा से लगे सीमा क्षेत्र से करीब 30 किलोमीटर दूर है. वे जहां रहते हैं वहां सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि, वहाँ कोई बंकर नहीं है, न ही कोई सेना है। उन्होंने कहा बिना बंकर वाली जगह कैसे सुरक्षित होगी.

इसी तरह, 18 छात्र मिफ्ताहिम नामक स्थान पर सोरासिम नर्सरी में हैं। वे भी शनिवार से बंकर के अंदर हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई बचाव के लिए नहीं आया है. इसी प्रकार 8 छात्र नेटिभ नामक स्थान पर हैं। जो गाजा से लगे सीमा क्षेत्र से 4/5 किमी की दूरी पर है. थाईलैंड और अन्य देशों के नागरिकों को वहां से बचाया गया है.  उन्होंने कहा, नेपाली छात्रों को वहां से बचाया नहीं जा सका।

उन्होंने कहा कि जांबिया और थाईलैंड के नागरिक भी उनके साथ काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है. भारत ने अपने नागरिकों को बचा लिया है. इजराइल के लोगों को हेलिकॉप्टर से बचाया गया. जिस खेत में हम काम करते हैं उसका मालिक खुद सुरक्षित इलाके में चला गया है. अब बंकर में केवल नेपाली हैं बचे हुए हैं ।”



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