Tue. Jun 25th, 2024



आज सूर्य षष्ठी व्रत में डाला छठ का सायं अर्घ्य दिन भर निर्जला उपवास रह कर अपराह्न 3:30 से 4:30 तक षष्ठी देवी का पूजन करें। और पूजन कर श्री गणेश अथर्वशीर्ष, आदित्य हृदय स्तोत्र, षष्ठी देवी स्तोत्र के पाठ कर के सायं 4:30 के बाद से सायं अर्घ्य देकर श्री कृष्ण स्तोत्र, अपराजिता स्तोत्र, का पाठ सर्व सिद्धि दायक अखण्ड सुख सौभाग्य दायक एवं परम कल्याणकारी होगा।*
*जबकि आज रात्रि शेष 5:22 बजे अरुणोदय काल में द्वितीय सूर्यघ्य देना आवश्यक एवं शास्त्र विहित उत्तम होगा।*
*नोट:- ध्यान रहे कि सप्तमी तिथि रविवार के रात्रि शेष 5:36 तक ही है। अतः छठ व्रत का द्वितीय अर्घ्य स्थानीय सूर्योदय से पूर्व प्रातः 5:36 से पूर्व ही सूर्यार्घ्य देकर व्रत को पूर्ण कर लेना और पुनः सूर्योदय तक घाटों पर रुक कर प्रातः 6:25 के बाद सूर्य का दर्शन कर व्रत का पारणा करें।*
*सभी छठ व्रतियों के सम्पूर्ण परिवार को माता षष्ठी एवं भगवान भास्कर उत्तम आयु आरोग्यता, सुख सौभाग्य, संतति संतान, श्रेष्ठ नौकरी व्यवसाय, सम्पूर्ण जीवन में सन्मति सुमति, एवं सर्वत्र विजय प्रदान करें।*
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*✒✍???? ✒✍????*
*हरि ॐ गुरु देव*
*!!ज्योतिषाचार्य!! ????आचार्य राधाकान्त शास्त्री????????*

*का षष्ठीदेवी ?*

‘अहं ब्रह्मणो मानसपुत्री षष्ठीदेवी अस्मि !

‘अहं प्रियव्रत पुत्रस्य जीवन दात्री अस्मी!

‘अहं स्वामी कार्तिकेयस्य भार्या देवसेना अस्मि !

अहं विश्वस्य समस्तबालानां रक्षिका अस्मि, एवम् अपुत्रेभ्यः पुत्रं ददाम्यहम्’ इति
नवरात्रे नवदुर्गासु अन्यतमा देवी ‘कात्यायनी’ या षष्ठीतिथौ पूज्यते, सा ही षष्ठीदेवी-नाम्ना ख्यातास्ति
भगवतः सूर्यस्य अस्मिन् पवित्रव्रते शक्तिः, ब्रह्म चेति द्वयोरपि उपासनायाः फलं सहैव प्राप्यते
तस्माद्धि अस्मिन् लोके इदं पर्व ‘सूर्यषष्ठी’ इति नाम्ना प्रसिद्धम्
भगवान् सूर्यः प्रत्यक्षं देवोऽस्ति
पुत्रैषणा, वित्तैषणा, लोकैषणा इत्यादि-समस्ताभीष्टान् भक्तेभ्यः प्रददाति
परब्रह्मणः शक्तिस्वरूपा समस्तजगतो माता प्रकृतिस्वरूपा षष्ठीदेवी सर्वेषां मङ्गलं कुर्यात् इति
ॐ षष्ठीदेव्यै नमः !!
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*आज सूर्य षष्ठी व्रत, डाला छठ के दिन निर्जला उपवास रह कर अपराह्न 3:30 से 4:30 तक माता षष्ठी और भगवान भास्कर का पूजन कर, श्री गणेश अथर्वशीर्ष, आदित्य हृदय स्तोत्र, षष्ठी देवी स्तोत्र के पाठ करें। और पुनः सायं 4:30 के बाद से सायं अर्घ्य देकर श्री कृष्ण स्तोत्र, अपराजिता स्तोत्र, का पाठ सर्व सिद्धि दायक अखण्ड सुख सौभाग्य दायक एवं परम कल्याणकारी होगा।*

*जबकि आज रात में माता कोशिकी (कोशी) की पूजन कर रात्रि जागरण पूर्वक रात्रि शेष 5:22 बजे अरुणोदय काल में द्वितीय सूर्यघ्य दे देना है। जो इस वर्ष के छठ व्रत के लिए अति आवश्यक एवं शास्त्र विहित उत्तम फलदाई होगा।*
*नोट:- ध्यान रहे कि सप्तमी तिथि रविवार के रात्रि शेष 5:36 तक ही है। अतः छठ व्रत का द्वितीय अर्घ्य स्थानीय सूर्योदय से पूर्व प्रातः 5:36 से पूर्व ही सूर्यार्घ्य देकर व्रत को पूर्ण कर लेना और पुनः सूर्योदय तक घाटों पर रुक कर प्रातः 6:25 के बाद सूर्य का दर्शन कर व्रत का पारणा करें।*
*सभी छठ व्रतियों के सम्पूर्ण परिवार को माता षष्ठी एवं भगवान भास्कर उत्तम आयु आरोग्यता, सुख सौभाग्य, संतति संतान, श्रेष्ठ नौकरी व्यवसाय, सम्पूर्ण जीवन में सन्मति सुमति, एवं सर्वत्र विजय प्रदान करें।*
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*✒✍???? ✒✍????*
*हरि ॐ गुरु देव*
*!!ज्योतिषाचार्य!! आचार्य राधाकान्त शास्त्री*
*????शुभम बिहार यज्ञ ज्योतिष कार्यालय????*
*राजिस्टार कालोनी*
*पश्चिम करगहिया रोड, वार्ड:- 2, नजदीक कालीबाग OP थाना से पश्चिम*
*बेतिया पश्चिम चम्पारण, बिहार, 845449,*
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*पदेन:-*
*हिंदी – संस्कृत सहायक शिक्षक:- राजकीयकृत युगल प्रसाद +2 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भैसही, चनपटिया, बेतिया बिहार*
*विशेष संपर्क:-*????
*9934428775*
*9431093636*
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*व्हाट्सअप से:-*
*????(अहर्निशं सेवा महे)????*
*व्हाट्सएप से हर समय आपके सेवा में:-*
*जबकि चल दूरभाष से वार्तालाप एवं संपर्क समय:- प्रातः 5 बजे से 6 बजे तक एवं सायं 5 बजे से रात्रि 9:30 बजे तक।*
*!!भवेत् सर्वेषां सर्वदा शुभ मंगलम्!!*

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