Mon. May 20th, 2024

भारत सरकार द्वारा नेपाल में प्याज निर्यात पर प्रतिबंध, सीमा पर रोके गए सात ट्रक

काठमान्डू 9 दिसम्बर



भारत सरकार ने नेपाल में प्याज निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश मिलते ही शुक्रवार को सोनौली सीमा पर प्याज लदे सात ट्रकों को रोक दिया गया। बार्डर से प्रत्येक दिन आलू, प्याज का कारोबार करीब एक करोड़ का होता है। इसके पहले नेपाल में आलू प्याज पर वैट लगने से नेपाली कारोबारियों ने मंगाना कम कर दिया है, इधर भारत सरकार ने निर्यात पर पावंदी लगा दी है। वर्तमान में भारतीय क्षेत्र में प्याज का फुटकर भाव 60 रुपये प्रति किलो है। जबकि थोक में प्याज 50 रुपये प्रति किलो मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह सोनौली सीमा से नेपाल जाने वाले प्याज लदे ट्रक को सोनौली कस्टम के अधिकारियों ने रोक दिया। सीमा से ट्रक लौटा दिया गया। प्याज के बढ़ते दाम को देखते हुए भारत सरकार ने नेपाल में प्याज निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के निर्देश पर डायरेक्टर जनरल आफ फॉरेन ट्रेड ने प्याज के निर्यात को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया है।

बृहस्पतिवार की रात आदेश के बाद प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कस्टम अधीक्षक एसके पटेल ने बताया कि देश भर में प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगने के मद्देनजर उसके नेपाल सहित सभी देशों में निर्यात पर रोक लगा दी गई है। आदेश आने के बाद सोनौली सीमा पर प्याज लदे ट्रकों की इंट्री प्रतिबंधित कर दी गई है। प्याज लदे सात ट्रक सीमा पर पहुंच गए थे, उन्हें कस्टम विभाग द्वारा वापस किया गया।
सीमा पर कस्टम सतर्क
शुक्रवार को नासिक, शाहजहांपुर, इंदौर, कानपुर से आने वाले प्याज से लदे ट्रकों को भी वापस कर दिया। इन दिनों भारत में प्याज महंगे दर पर बिक रही है। इस वजह से पहले देश में प्याज की जरूरतों को पूरा करने के बाद ही कहीं बाहर भेजा जाएगा। सूचना जारी होने के बाद सोनौली बॉर्डर पर कस्टम सतर्क है।

रास्ते में गाड़ियों को भी वापस किया गया
आलू प्याज व्यापारी सन्नी गुप्ता और पुनीत कुमार ने बताया कि नेपाल में हर किस्म की सब्जियों की उपलब्धता भारत के सहयोग पर निर्भर है। शुक्रवार को सोनौली पहुंची ट्रक को वापस कर दिया गया और लोडिंग रोकते हुए जो गड़िया रास्ते में थी उसे भी रोक दिया गया है। नेपाल काठमांडों में बुधवार से नेपाल के कारोबारी वैट को लेकर हड़ताल पर है।



About Author

यह भी पढें   प्रधानमन्त्री प्रचण्ड चौथी बार लेंगे विश्वास मत
आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: