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भारत–नेपाल डिजिटल कनेक्टिभिटी को लेकर भारतीय राजदूतावास द्वारा सेमिनार का आयोजन



काठमांडू, मंसिर २७–भारत–नेपाल डिजिटल कनेक्टिभिटी को विशेष महत्व देते हुए डिजिटल इकोनोमी में नया पन लाने के लिए डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (डिपिआई) के रुपान्तरणीय सम्भावना की तलाश करने के लिए भारतीय राजदूतावास, काठमांडू ने मंसीर २६ गते ‘म्ष्नष्तब िएगदष्अि क्ष्लाचबकतचगअतगचभः क्ष्ललयखबतष्लन तयनभतजभच तयधबचमक क्ष्लमष्ब–ल्भउब िमष्नष्तब िदचष्मनभक शीर्षक के एक सेमिनार का आयोजना किया । उक्त कार्यक्रम में यूएनडीपी नेपाल और एकीकृत विकास अध्ययन संस्थान (आईआईडीएस) से सहकार्य करते हुए नेपाल राष्ट्र बैंक के सहयोग में यह आयोजन की गई । उक्त कार्यक्रम में नेपाल सरकार के माननीय सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्री श्री रेखा शर्मा प्रमुख अतिथि के रुप में उपस्थित हुई । कार्यक्रम में भारतीय राजदूतावास के साथ साझेदारी करते हुए नेपाली उद्योग परिसंघ ने उद्योग का प्रतिनिधित्व किया ।
डिपिआई के बारे में भारत का उत्कृष्ट अभ्यास तथा अन्य विश्वव्यापी और क्षेत्रीय अनुभव को समेटते हुए इस सेमिनार में नेपाल के २०० से ज्यादा सरकारी अधिकारी, उद्योग, स्टार्टअप, शिक्षाविद् और अन्य सरोकार वालों को डिपिआइ प्रयोग के कुछ उदाहरणों को बताते हुए इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी गई ।


उद्घाटन समारोह को सम्बोधन करते हुए नेपाल के लिए भारतीय राजदूत श्री नवीन श्रीवास्तव ने भारत के जी–२० अध्यक्षता में डिपिआई और डिपिआइ के सिस्टम के लिए जी–२० ढाँचा के महत्व बारे में भी प्रकाश डाला । राजदूत श्रीवास्तव ने बताया कि कैसे डिजिटल प्रविधि देश के विकास का जो लक्ष्य है उस लक्ष्य को हासिल गर्न मदद करता है ।
इसी तरह माननीय सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्री श्री रेखा शर्मा ने कहा कि डिजिटल प्रविधि अपनाने के लिए नेपाल प्रतिबद्ध है और इस प्रतिबद्धता पर जोड़ देते हुए सुझाव दिया कि इस प्रविधि के क्षेत्र में भारत और नेपाल के अधिकारी सहकार्य करें ।
कार्यक्रम में बोलते हुए सेन्टर फॉर डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के सहअध्यक्ष तथा युआइडिएआइ के पूर्व आर्किटेक्ट डॉ.प्रमोद वर्मा ने युनिफाइड पेमेन्ट इन्टरफेस, डिजि यात्रा, कर के लिए डिपिआई, अकाउन्ट एग्रीगेटर और डिजिटल कर्मश के लिए ओपन नेटवर्क जैसे भारत के कुछ उदाहरण देते हुए डिपिआई ने दीर्घकालीन एवम् समावेशी आर्थिक विकास सिर्जना करने में जो भूमिका निभाई है, उसकी चर्चा की ।
आईआईडीएस के कार्यकारी निर्देशक डा. विश्वास गौचन द्वारा सञ्चालित प्यानल में डिजिटल कनेक्टिभिटी को आगे बढ़ाने में जोर देते हुए डिजिटल भुक्तानी प्रणाली के वर्तमान अवस्था और भविष्य के बारे में जानकारी दी । नेपाल क्लियरिङ हाउस लिमिटेड के प्रमुख कार्यकारी अधिकृत श्री नीलेश मान प्रधान और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार–साझेदारी, व्यापार विकास तथा बाजार व्यवस्थापन प्रमुख श्री अनुभव शर्मा ने अन्तरदेशीय डिजिटल पेमेन्ट में सहजीकरण करने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम और नेपाल क्लियरिङ हाउस लिमिटेड बीच सम्पन्न सम्झौता के बारे में चर्चा की ।
नेपाल राष्ट्र बैंक के डेपुटी गवर्नर श्री बमबहादुर मिश्र के सम्बोधन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ ।


भारतीय राजदूतावास दोनों देश की जनता के पारस्परिक हित के लिए डिपिआई को आगे बढ़ानेके लिए नेपाल के विभिन्न सरोकार वालों के साथ सहकार्य को निरन्तरता दे रही है ।

 



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