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हे भगवान ! हमारे देश के शिक्षा अधिकारियों को सद्बुद्धि दो

CIMG6755हे भगवान शिक्षा मन्त्रालय के अधिकारियों को सद्बुद्धि दो  : पिडित शिक्षक संघर्ष समिति कपिलबस्तु
मनोज कुमार ओझा,कपिलबस्तु,१८ अगस्त । जिले के सदरमुकाम तौलिहवा के तौलेश्वर नाथ मन्दिर में शुक्रवार को पिडित शिक्ष्ँक संघर्ष समिति ने पुजा अराधना करके भगवान तौलेश्वर नाथ से प्रार्थना किया है कि,“हे भगवान हमारे देश के उन पदस्थ शिक्षा अधिकारियों को सद्बुद्धि दो जो रोजगारों से उनकी रोजी रोटी छिनने पर तुले हुए हैं ।”
सावन २२ गते गुरुवार से ही आन्दोलनरत अस्थायी शिक्षकों ने शिक्षक सेवा आयोग से सिफारिस होकर आनेवाले शिक्षकों का अस्थायी शिक्षक बिस्थापित न किए जाने के प्रक्रिया से दरबन्दी मिलाए जाने का जोडदार मांग किया है । जिले के तौलिहवा स्थित श्री बुद्ध पद्म उमाबि में शुक्रवार के दिन एक बैठक करके अस्थायी शिक्षकों ने एक समिति बनाया जिसका नाम पिडित शिक्ष्ँक संघर्ष समिति रखा गया । समिति गठन करने के बाद समिति ने शिक्षा समिति सदस्य (सीडीओ), शिक्ष्ाँ समिति अध्यक्ष्ँ (एलडीओ) और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन पत्र सौपा । साथ ही शिक्ष्ाँ मन्त्रालय, शिक्ष्ाँ बिभाग, क्ष्ँेत्रिय शिक्षा निर्देशनालय पोखरा को भी ज्ञापन पत्र भेजा । जिसमें अस्थायी, करार, राहत, पीसीएफ, सट्टा, बाल—बिकास कर्मचारी, का.सहयोगी सभी के पेशा का सुरक्ष्ाँ, उल्लेखित सभी लोगों के नोकरी को बचाकर उत्तीर्ण होनेवाले शिक्षकों की नियुक्ति दिए जाने, राहत शिक्षकों को दरबन्दी में परिणत किए जाने, अस्थायी करार और राहत के शिक्षकों को प्रक्रिया पहुंचाकर स्थायी किए जाने, पीसीएफ बाल बिकास स.का. को प्रा.बि. शिक्षक का सुबिधा दिए जाने, बिद्यालय कर्मचारी का दरबन्दी कायम रखते हुए तह के मुताबिक तलब स्केल उपलब्ध कराते हुए प्रक्रिया पहुंचाकर उन्हे स्थायी किए जाने और सालों से कार्यरत पियुन को दरबन्दी कायम करके स्थायी करके अन्य कार्यालयों के पियुन के बराबर तलब और सुबिधा उपलब्ध कराए जाने का मांग किए जाने की जानकारी पिडित संघर्ष समिति के अध्यक्ष्ँ मनोज कुमार ओझा ने दिया ।
खुद के द्वारा जायज मांग किए जाने के बावजूद भी सरकार और सम्बन्धित निकायों के द्वारा नजरअन्दाज किए जाने के वजह से ज्ञापन पत्र में उल्लेखित कार्यक्रमों को अन्जाम दिए जाने की बात भी पिडित संघर्ष समिति ने बताया । समिति ने जिले के पठन—पाठन को बन्द करके आन्दोलन को और भी सक्रिय बनाने के लिए सभी बिद्यालयों से आग्रह भी किया था । साथ ही सोमवार २६ गते से जिले के सरकारी स्कुलों को अनिश्चित काल के लिए बन्द किए जाने की जानकारी भी पिडित संघर्ष समिति ने दी है ।
समिति के द्वारा सावन २९ गते गुरुवार के दिन दोपहर १ बजे से २ बजे तक धर्ना कार्यक्रम भी किया गया । ३० गते शुक्रवार को दोपहर १ बजे से २ बजे तक जि.बि.स. और जि.शि.का. के सामने काला पट्टी बांधकर मोमबत्ती जलाते हुए लोगों ने कहा कि ठिक इसी तरह मांगो की रोशनी दिखाने के बावजूद भी सम्बन्धित निकाय मूक दर्शक और नपूंसक की भांति आंखो में पट्टी बांधकर तमाशा देख रहा है । फिर लोगों ने २ बजे से लेकर ३ बजे तक तौलेश्वर नाथ के मन्दिर में जाकर भगवान से देश के सभी सम्बन्धित निकाय के कर्मचारियों और अधिकारियों को ज्ञान और सही विचार देने का कामना किया ताकि वो नोकरी से हाथ धो रहे शिक्षकों के उपर अत्याचार न करें । साथ ही सोमवार से कार्यक्रम को और भी तीब्र एवं प्रखर रुप से आगे बढाए जाने की जानकारी देते हुए अध्यक्ष ओझा ने बताया कि संघ—सस्थाओं के साथ साथ अधिकतर राजनैतिक दले भी इस आन्दोलन के समर्थन में हैं । अगर सम्बन्धित निकायों के द्वारा अस्थायी शिक्षकों को इसी तरह से नजरअन्दाज किया जाएगा तो यह आन्दोलन और भी शक्त किया जाएगा ।



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