Sat. Mar 2nd, 2024

भारतीय पर्यटकों के लिए 25,000 भारू की बाध्यात्मक व्यवस्था का नेपाल पर्यटन पर असर

काठमान्डू 4 जनवरी 24



नेपाल की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि और पर्यटन है, लेकिन सरकार की कुछ नीतियों के कारण देश अपेक्षित प्रगति हासिल नहीं कर पाया है। इसका एक उदाहरण सीमा पार 25,000 भारू की बाध्यात्मक व्यवस्था है।

नेपाल राष्ट्र बैंक ने भारत के रास्ते नेपाल आने वाले पर्यटकों के लिए अधिकतम सीमा 25,000 रुपये निर्धारित की है। यानी अगर नेपाल में प्रवेश करने वाला कोई भारतीय नागरिक एक बार में 25,000 से अधिक भारू लेकर आता है, तो ऐसा पैसा अवैध माना जाएगा और उसे दंडित किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों  की शिकायत है कि यह नियम उन पर्यटकों को हतोत्साहित कर रहा है जो खर्च करना चाहते हैं।

साथ ही, नेपाल-भारत सीमा पार (अंतर्राष्ट्रीय) डिजिटल लेनदेन और भुगतान सुविधा अब तक चालू नहीं हुई है। पिछले समय में प्रधान मंत्री पुष्प कमल दहाल ‘प्रचंड’ की भारत यात्रा के दौरान, सीमा पार डिजिटल भुगतान गेटवे को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा देने पर सहमति हुई थी। किन्तु समझौता अभी तक लागू नहीं किया गया है।

पर्यटकों के पास एक तरफ नकदी सीमा की कमी और दूसरी तरफ डिजिटल भुगतान सुविधा की कमी के कारण, बड़े और गुणवत्ता वाले पर्यटक जो नेपाल आना चाहते हैं वो नहीं आ पा रहे हैं । भारतीय पर्यटक 25,000 भारतीय रुपए से अधिक नहीं ला सकते। वहीं, 100 की दर से ही इतनी ही राशि ले जाने की अनिवार्य स्थिति है. नेपाल में 500, 1000 और 2000 के नोट बैन हो गए हैं. ऐसे में रकम लाना कठिन है । ऐसी नीति से पर्यटन का विकास नहीं हो सकता । 25,000 हजार के रकम से कोई भी पर्यटक कितने दिन नेपाल में घूम सकता है । पर्यटक व्यवसायियों का मानना है कि सरकार को अपनी नीति में परिवर्तन करना चाहिए ।  या तो बड़ी रकम ले जाने की इजाजत होनी चाहिए या फिर फोन पे, क्रेडिट कार्ड समेत डिजिटल पेमेंट की सुविधा होनी चाहिए ।

नेपाल आने वाले अधिकतर भारतीय धार्मिक पर्यटक होते हैं। जिनमें बुजर्गों की संख्या अधिक होती है और उन्हें डिजिटल की जानकारी नहीं होती । उन्हें नकद रुपए लाने में सुविधा होती है । ऐसे में पचीसहजार से क्या हो सकता है । अगर नीति में सरकार सुधार करती है तो निश्चय ही देश की अर्थव्यवस्था में सुधार सम्भव हो सकेगा । भारत से नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या तीन गुना और आय चार गुना बढ़ जायेगी.

सीमा शुल्क विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में 3 लाख 19 हजार 936 भारतीय पर्यटक नेपाल आए. यह प्री-कोविड 2019 से 25.88 प्रतिशत अधिक है। 2019 में 254 हजार 150 भारतीय पर्यटक नेपाल आए हैं ।  भारतीयों के बढ़ते आकर्षण को ध्यान में रखते हुए सरकार को न केवल हवाई मार्ग बल्कि भूमि मार्ग (सीमा) से आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं को भी ध्यान में रखना चाहिए। आजकर डेस्टिनेशन विवाह का प्रचलन बढ रहा है ऐसे में भारतीयों की पहली पसंद नेपाल बन सकती है अगर सरकार सुविधा प्रदान करे । उन्हें नगद और आभूषण लाने की सुविधा दे तो यह नेपाल के पर्यटन व्यवसाय के लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा ।

 



About Author

यह भी पढें   लुम्बिनी प्रदेश का अधिवेशन आज से शुरु
आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: