Tue. Jul 16th, 2024

मधेसी पार्टियों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजन कर 17वां मधेस बलिदान दिवस मनाया गया

काठमांडू.19/1/24



तराई मधेस केंद्रित पार्टियों ने शुक्रवार को संवाद एवं चर्चा  का आयोजन कर 17वां मधेस बलिदान दिवस मनाया.

जनता समाजवादी पार्टी नेपाल ने परसा में मधेस बलिदान दिवस मनाया. मधेस सरकार ने भी बीरगंज में एक कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जसपा नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव थे।

जस्पा ने मधेस बलिदान दिवस के मौके पर अन्य जिलों और केंद्रों में भी कई कार्यक्रम आयोजित किये थे, लेकिन मुख्य कार्यक्रम परसा के बीरगंज में था.

इसी तरह लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने काठमांडू के बबरमहल स्थित पार्टी कार्यालय में  संघीयताको पूर्णता तथा संघीयताको अभ्यास  विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित कर मधेस बलिदान दिवस मनाया. कार्यक्रम का आयोजन लोकतान्त्रिक बुद्धिजीवी संघ द्वारा किया गया था।

यह भी पढें   प्रधानमन्त्री पद के लिए केपीशर्मा ओली का दावा पेश

इसी तरह जनमत पार्टी ने सिराहा के सन्हैठा में कार्यक्रम आयोजित कर दिवस मनाया.
बीरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए जनता समाजवादी पार्टी नेपाल के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा कि अधिकार और पहचान के लिए अभी भी संघर्ष जारी  है.

उन्होंने मधेसियों में अशिक्षा, गरीबी और बेरोजगारी को सबसे अधिक बताते हुए कहा कि मधेसी लोग सबसे अपमानित जीवन जी रहे हैं. उन्होंने इसी न्याय के लिए जन विद्रोह बताते हुए कहा कि अंतरिम संविधान में संशोधन कर स्वायत्त मधेस प्रांत वाले मधेस प्रांत को मधेस प्रांत कहा गया, लेकिन साजिश के तहत इसे आठ जिलों तक सीमित कर दिया गया.

यह भी पढें   लापता बसों और  यात्रियों की तलाश के लिए सरकार ने भारत और बांग्लादेश से मदद मांगी

यादव ने  मधेसियों को कमजोर करने के लिए मधेसियों को चार-पांच हिस्सों में बांटने का आरोप लगा. उनका कहना है कि वह फिलहाल आठ जिलों को मधेस प्रांत बनाने और बाकी के लिए बाद में लड़ने की नीति पर आगे बढ़ रहे हैं.

उन्होंने मधेस आंदोलन के कारण समावेशी, आनुपातिक, आरक्षण हासिल होने की बात कहते हुए चर्चा की कि मधेस प्रांत का गठन संघीय व्यवस्था के कारण हुआ है. यह कहते हुए कि संघवाद का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है, उन्होंने जोर देकर कहा कि मधेसियों के खिलाफ भेदभाव और सामाजिक अन्याय अभी भी जारी है।

यह भी पढें   बसों की तलाश के लिए वॉटर ड्रोन का इस्तेमाल

अध्यक्ष यादव ने इस संविधान को त्रुटिपूर्ण बताते हुए इसमें संशोधन की जरूरत बतायी.

बबरमहल में आयोजित कार्यक्रम में लोसपा अध्यक्ष महंत ठाकुर ने कहा कि मधेस की अस्मिता और अधिकार के लिए वे आज भी सक्रिय हैं. उन्होंने कहा कि देश में संघीयता तो लागू हुआ, लेकिन उसके मुताबिक कानून नहीं बने.

ठाकुर ने कहा कि संघीयता  और पहचान के लिए लड़ने वाले मधेसी नेताओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और उन्होंने कहा कि इससे मधेसी आंदोलन का अपमान हुआ है. ठाकुर ने कहा कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए.



About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: