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तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नेपाल भारत संस्कृत सम्मेलन का भव्य समुद्घाटन

 

काठमांडू 27 मार्च ।  आज राजधानी काठमांडू में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नेपाल भारत संस्कृत सम्मेलन का भव्य समुद्घाटन किया गया। प्रमुख अतिथि ऊर्जा तथा जलस्रोत मंत्री श्री शक्ति बहादूर बस्नेत ने दीप प्रज्वलित करके उटघाटन किया । प्रमुख अतिथि श्री शक्ति बहादुर बस्नेत ने तीन दिवसीय सम्मेलन की पूर्ण सफलता की कामना की ।

कार्यक्रम का आयोजन नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान नेपाल, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तथा इंडिया फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप मे किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान नेपाल के कार्यकारी निदेशक डॉ केशव राज पंथी ने किया ।
समारोह में भारत से 33 विद्वानों की सहभागिता है । अपने स्वागत वक्तव्य में  नीति अनुसंधान प्रतिष्ठान नेपाल के निदेश श्री दीपक कुमार अधिकारी ने बताया कि नेपाल संस्कृत और आयर्वेद दोनो की जननी है । बीज वक्तव्य श्री काशीनाथ न्योपाने जी ने दिया । भारतीय विद्वान आचार्य शशिकुमार प्रभा जी ने संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डाला ।
इस अवसर पर संस्कृत विश्वविद्यालय के उप कुलपति श्री यादव प्रकाश लामीक्षाने जी ने अपना मन्तव्य दिया ।

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मुख्य वक्ता के रूप में भारत के केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के उप कुलपति श्री निवास जी ने कहा कि नेपाल और भारत दो देह है पर एक आत्मा है । समारोह में कर्नाटक से आये श्री दिनेश कामत जी ने नेपाल भारत सम्बन्ध पर विशेष मन्तव्य दिया ।समारोह 27 28 और 29 मार्च तक चलेगा ।

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