Fri. Apr 24th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

सुदुरपश्चिम प्रदेश में सिस्नु खेलकर बिसू उत्सव मनाया जा रहा

 

1 बैसाख, धनगढ़ी।


सुदुरपश्चिम प्रदेश में सिस्नु खेलकर बिसू उत्सव मनाया जा रहा है।
नए साल का पहला दिन बैसाख 1 होता है, जिसे सुदूर पश्चिम के लोग परंपरागत रूप से सिसनू खेलकर बिसु त्योहार के रूप में मनाते हैं।बिसू त्योहार में मीठे-मीठे पकवान खाने और सिसनो लगाने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि इन दिनों सिस्नो पहनने से साल भर काम करते हुए शरीर के सभी प्रकार के विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।
चूंकि बैसाख की शुरुआत के साथ ही बीमारियों, महामारी और अकाल का समय शुरू हो जाता है, इसलिए उनसे बचाव के लिए सिसनु लगाकर परिवार के सदस्यों के साथ बिशु मनाने की परंपरा है।
संक्रांति के पहले दिन सुबह स्नान कर सिसनु लगाने की प्रथा है। धार्मिक मान्यता है कि इस तरह से सिस्नो धारण करने से यदि पिछले साल आपके शरीर में कोई विष था तो उससे छुटकारा मिल जाएगा और नए साल में आप किसी भी जहरीले जीव-जंतु से बच जाएंगे।
बिसू पर्व में भाई-भाभी, देवरानी-जेठानी, देवरानी-जेठानी, देवरानी-जेठानी के बीच पानी का छींटा मारकर बिसू पर्व मनाने का रिवाज है।
इस दिन दूर-दराज के विभिन्न समुदायों में लाठी चलाने और बाघ-भालू जैसे जंगली जानवरों की तरह अभिनय करने की परंपरा है। माना जाता है कि ऐसा करने से जंगली जानवरों के हमले से बचा जा सकता है।

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may missed