रामनवमी के दिन क्यों होती है हनुमान जी की पूजा
भगवान श्री रामचंद्र जी के जन्मोत्सव को रामनवमी के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष रामनवमी के दौरान रवि योग बन रहा है, जिस कारण इस वर्ष की रामनवमी काफी खास मानी जा रही है. रामनवमी के दौरान लोग भगवान श्री राम की पूजा और आराधना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार की सामग्री का भोग लगाते हैं. लेकिन, रामनवमी के दौरान लोग प्रभु श्री रामचंद्र जी के सबसे अनन्य भक्त हनुमान जी की भी पूजा-अर्चना करते हैं. ऐसी मान्यता है कि रामनवमी के दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों के सभी प्रकार के संकट का हरण हो जाता है. हनुमान जी को कलयुग का देवता भी माना गया है और कहा जाता है कि हनुमान जी की पूजा करने से प्रभु श्री रामचंद्र जी भी प्रसन्न हो जाते हैं.
रामनवमी के दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है, क्योंकि हनुमान जी भगवान श्री राम के सबसे अनन्य भक्त हैं और हनुमान जी की पूजा करने से प्रभु श्री रामचंद्र जी भी प्रसन्न होते हैं. इतना ही नहीं प्रभु हनुमान जी की पूजा करने के दौरान अगर भगवान राम के चरित्र का गुणगान किया जाए तो हनुमान जी भी अत्यंत प्रसन्न हो जाते हैं.
यही कारण है कि रामनवमी के दिन लोग अपने घर में हनुमान जी की ध्वजा का ही आरोहण करते हैं. इसे विजय पताका के रूप में भी देखा जाता है. ऐसे में अगर आप रामनवमी के दिन भगवान श्री रामचंद्र जी की पूजा कर रहे हैं, तो आप हनुमान जी की भी पूजा करें, ऐसा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.


