Wed. Jun 17th, 2026
English मे देखने के लिए क्लिक करें

भारतीय शिक्षण मंडल का 55 वां स्थापना दिवस समारोह सम्पन्न

 

मुम्बई, 19 अप्रैल । 17 अप्रैल रामनवमी 2024 को मुंबई विश्वविद्यालय के जे.पी.नाईक सभागार में भारतीय शिक्षण मंडल का 55 वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। इस अवसर पर ‘ रामराज्य और विकसित भारत ‘ विषय पर आयोजित परिचर्चा में समारोह के मुख्य वक्ता प्रख्यात सांस्कृतिक चिंतक वीरेन्द्र याज्ञिक ने कहा कि राम का चरित्र समरसता का प्रतीक है जिससे हर कोई जुड़ाव महसूस करता है। अब 500 वर्षों की तपस्या के उपरांत राम को उनकी गौरवमयी जन्मभूमि प्राप्त हुई है जिससे संपूर्ण देश में एक सांस्कृतिक नवोन्मेष पैदा हुआ है। याज्ञिक ने कहा कि रामराज्य में शिक्षा पद्धति आचरण केंद्रित थी और शिक्षण मंडल ही शिक्षा प्रणाली को परिष्कृत कर सकता है।
इस समारोह के अध्यक्ष भारतीय शिक्षण मंडल के कोंकण प्रांत के अध्यक्ष प्रोफेसर सुहास पेडणेकर ने कहा कि हम चाहते हैं कि संपूर्ण कोंकण प्रांत और मुंबई महानगर में भारतीय शिक्षण मंडल के कम- से- कम सौ मंडल संचालित हों। कार्यक्रम में संगठन के कोष प्रमुख राजेन्द्र फडके भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का आरंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन डॉ. अंशु शुक्ला द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। कोंकण प्रांत के विस्तारक विकाश शर्मा ने संगठन गीत प्रस्तुत किया। डॉ. हनुमंत धायगुडे ने ध्येय वाचन व कृष्ण कणकगिरी ने भारतीय शिक्षण मंडल का परिचय दिया। इस मौके पर विकसित भारत पोस्टर का अनावरण किया गया।अपने प्रास्ताविक में मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्‍ठ प्रोफेसर एवं कोंकण प्रांत के प्रकाशन विभाग के संयोजक डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय ने आयोजन की कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था एवं प्रति व्यक्ति आय 20 लाख रुपए से अधिक होना ही नहीं है अपितु देश के हरेक नागरिक के नैतिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं संपूर्ण विकास से भी है। हमें विकसित भारत में रामराज्य के उन आदर्शों का भी सन्निवेश करना होगा जो उसे विश्व की सर्वश्रेष्ठ लोककल्याणकारी व्यवस्था बनाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ. सुरेश मैंद ने अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया। विकास शर्मा द्वारा कल्याण मंत्र के वाचन के साथ यह आयोजन सम्पन्न हुआ। इस समारोह का संचालन डॉ. सचिन गपाट ने किया।इस समारोह में भारतीय शिक्षण मंडल, कोंकण प्रांत के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, हिंदी व अर्थशास्त्र विभाग के शोधछात्र एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

यह भी पढें   सीमा सुरक्षा बैठक के लिए भारतीय टीम नेपाल में

About Author

आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *