विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भृकुटीमण्डप में हिमालयन हाइड्रो एक्स्पो ! राष्ट्रपति पौडेल ने किया उद्घाटन
काठमांडू, २५ अप्रील । ऊर्जा क्षेत्र में वैदेशिक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य लेकर काठमांडू (भृकुटीमण्डप) में ‘हिमालयन हाइड्रो एक्स्पो २०२४’ शुरु हुआ है । एक्स्पो का औपचारिक उद्घाटन राष्ट्रपति पौडेल ने आज बिहिबार एक विशेष समारोह के बीच किया है ।
उद्घाटन सत्रको सम्बोधन करते हुए राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि इससे पहले नेपाल की पहचान विद्युत आयातकर्ता देशों में से था, लेकिन अब निर्यातकर्ता देशों में से हो रहा है, यह नेपाल के लिए महुत महत्वपूर्ण उपलब्धी है । उन्होंने कहा कि १० साल के अन्दर १० हजार मेगावाट विद्युत भारत निर्यात के लिए सहमति हो चुकी है, इसीलिए अब ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का समय आ गया है । राष्ट्रपति पौडेल ने आगे कहा– ‘सरकार की सहजीकरण और समन्वय तथा निजी क्षेत्रों की सहभागिता से विद्युत उत्पादन संबंधी जो लक्ष्य तय हुआ है, वह पूरा हो सकती है ।’ उन्होंने यह भी कहा कि स्वदेशी और विदेशी सभी निवेशकर्ता एक हो कर अब हरितक्रान्ति की ओर आगे बढ़ना चाहिए ।
कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिचाई मन्त्री शक्तिबहादुर बस्नेत ने कहा कि विद्युत से ही विकास संबंधी अन्य कार्य सम्भव हो सकता है और विद्युत उत्पादन नेपाल की महत्वपूर्ण आर्थिक आधारस्तम्भ है । उन्होंने आगे कहा– ‘आगामी १२ साल के अन्दर २८ हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन का सरकारी लक्ष्य है । किसी को यह योजना महत्वकांक्षी लग सकता है, लेकिन यह यथार्थ और आवश्यकता में आधारित लक्ष्य है ।’ ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भी उन्होने जोर दिया ।
स्वतन्त्र ऊर्जा उत्पादनकर्ताओं की संस्था नेपाल (इप्पान) के अध्यक्ष गणेश कार्की के अनुसार नेपाल में आज तक १३ खर्ब रुपये जलविद्युत आयोजनाओं के लिए निवेश हो चुका है । उनका यह भी मानना है कि आर्थिक वृद्धि और रोजगारी सिर्जना के लिए भी नेपाल में जलविद्युत क्षेत्र महत्वपूर्ण साबित हो सकता है ।

