Wed. Jan 29th, 2020

डा. राउत पर कसता शिकंजा

सम्पादकीय
जहाँ देश का एक हिस्सा सुलग रहा है, वहीं पहाडÞ की हवा उसे और भी भडÞका रही है । लग ही नहीं रहा कि वह हिस्सा और वहाँ की जनता देश के अपने हैं । सत्ता और संचार, दोनों की उदासीनता आक्रोश को जन्म दे रहा है । बात सत्तामद के लोगों को छोटी लग रही होगी किन्तु जनता की ताकत को अनदेखा करने की गलती नहीं करनी चाहिए । समय चक्र बताता है कि तानाशाही और दमन की नीति किसी भी लोकतंत्र में फली नहीं है । यह हो सकता है कि आग थोडÞे वक्त के लिए ठंडी हो जाय किन्तु राख में दबी चिनगारी कब सुलग कर आग का रूप ले ले यह पता नहीं चलता ।
सवाल सी.के.राउत की गिरफ्तारी का है, तो जो आवाज, अब तक सिर्फकुछ लोगों के कानों तक पहुँच रही थी, आज सरकार के इस गैरन्यायिक कदम की वजह से मधेश के घर घर में पहुँच चुकी है । एक आवाज, आज लाखों की हो चुकी है । कल एक नहीं कई राउत जन्म ले सकते हैं और इस स्थिति को पैदा करने की जिम्मेदारी सरकार की होगी । असंतोष की जडÞें जितनी गहरी होती जाएँगी व्रि्रोह की सम्भावना उतनी ही अधिक बलवती होगी । जहाँ सबकी निगाहें आने वाले संविधान पर टिकी थीं, जिनकी निगाहों में उम्मीद और आशाएँ थीं उन्हीं निगाहों में आज सवाल है कि ये क्या हुआ – देश का सबसे बडÞा त्योहार जब दरवाजे पर दस्तक दे रहा है, तभी सरकार ने मधेश को यह कौन सा तोहफा दिया है – क्या यह एक सोची समझी साजिश है – कहीं ऐसा तो नहीं कि जिस संघीयता, समानुपातिक समावेशीकरण, आत्मसम्मान की माँगों पर मधेश का ध्यान केंद्रित था, वहाँ से उनके ध्यान को भंग कर किसी दूसरी ओर केंद्रित कराया जा रहा है – मधेश को इस आग में धकेल कर सरकार क्या करना चाहती है – राउत को आज मधेश अपने स्वाभिमान से जोडÞ कर देख रहा है और यह वह भावना है जिसपर लगी चोट नासूर बन जाता है । सरकार को वक्त रहते सही निर्ण्र्ाालेना होगा क्योंकि तत्काल अगर कुछ सही नहीं हुआ तो आने वाला कल कुछ अच्छा संकेत नहीं दे रहा ।
शक्ति की देवी के आने की आहट मिल चुकी है । जब राम ने रावण का वध किया था तो अयोध्यावासियों ने विजयादशमी मनाई थी और जब राम वापस अयोध्या आए तो प्रकाशपुञ्ज के साथ उनका स्वागत कर के लोगों ने दीपावली मनाया था । र्सर्ूय उपासना हममें उर्जा प्रदान करती है, सांकेतिक रूप में आज फिर इन सबकी आवश्यकता जन मानस को है । त्योहारों के इस मौसम में हिमालिनी परिवार की ओर से सभी को अशेष शुभकामनाएँ । इस उम्मीद के साथ कि हिमालिनी को आपका साथ और सहयोग मिलता रहेगा यह नया अंक आपके हाथों में है ।swetadipti

 

Loading...

 
आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: