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हिन्दी गीत की किताब “कैसा मन मस्ताना प्यारे ” प्रकाशित

 

गीतकार डा.हेमन्त खतिवडा का हिन्दी गीत की किताब “कैसा मन मस्ताना प्यारे ” प्रकाशित हुआ है । इसमें विशेष प्रेम का रोमान्टिक विषय- वस्तु को गीतकार ने प्रस्तुत किया है । इस कृति में दो सय हिन्दी गीत है। दो सय पृष्ठ में किताब तैयार किया गया है। इसका मूल्य भारतीय रू. २०० रू है। गीत प्रेम रस के प्रचलित परम्परा से कुछ अलग प्रकार से लिखा गया है। गीतकार खतिवडा का कहना है कि – प्रेम का मतलब सहज विषय नहीं होकर, इस का अफ्ना ही दर्शन है और प्रेम गीत को भी मैं दर्शन शास्त्र के साथ जोड़ देखता हूं और लिखने में भी रूची रखता हूं। यह किताब “ओम प्रकाशन दिल्ली” से प्रकाशित किया गया है, यह कृति भारतीय पाठकों के बीच लोकप्रिय बना है, यह आशा करता हूं । गीत का लिखावट, बनाबट एवं प्रस्तुति की जो शैली है, वह कलात्मक तथा बिम्वात्मक है । शब्दों की माला शरल है किन्तु गीत में छिपे भाव गम्भीर है । गीतकार के गीतों में प्रेम का मनोविज्ञान अनुठा स्वभाव से मिश्रित हुआ है। शव्द- शव्द में गहरा मनोविज्ञान सम्प्रेषण करने में गीतकार मनमुग्ध है । गीतकार ने विवाह गीत के विषय-वस्तु पर भी कुछ कलम चलाये हैं । पुस्तक में प्रस्तुत किया गया गीतों में प्रेम के विभिन्न स्वरुपों को विभिन्न आयामो द्वारा ब्याख्या किया गया है । यह गीत संग्रह रोमान्टिक गीतों का दस्तावेज बनने का सामर्थ्य रखता है । गेयात्मक र लयात्मकता से कृति का ओज बढ गया है। खतिवडा का दर्जनौं गीत लोकप्रिय है और वे नेपाल के सब से कम उम्र में गीत लिखने वाले गीतकार के नाम से भी पहचाने जाते हैं । इस कृति को महत्वपूर्ण दृष्टि से भी देखा गया है।
अनुवादक – संगीता ठाकुर, काठमांडू, नेपाल

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