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दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग मोतिहारी के विराट रामायण मंदिर में स्थापित

माेतिहारी 17 जनवरी

मोतिहारी के विराट रामायण मंदिर में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग को स्थापित कर दिया गया. इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. सहस्त्र लिंगम की स्थापना के बाद पूरा मंदिर परिसर जयकारे से गूंजता रहा. हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे थे, जो महादेव के नारे लगा रहे थे. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार और दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने पूरे मंत्रोच्चार के साथ पूजा की. इस मौके पर विराट शिवलिंग का निर्माण करने वाले विनायक वेंकटरमन और उनकी मां हेमलता की भी मौजूदगी रही.

तमिलनाडु में तैयार हुआ है शिवलिंग
मालूम हो, तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 33 फीट ऊंचा, 33 फीट लंबा और 210 मीट्रिक टन वाले शिवलिंग को तैयार किया गया. शिवलिंग का निर्माण इस तरह किया गया है कि यह भूकंपरोधी हो और आने वाले सैकड़ों सालों तक सुरक्षित रह सके. शिवलिंग निर्माण करने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण के अनुसार, इस शिवलिंग के निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. यह विशाल शिवलिंग एक ही ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है. यह शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन के वजन का है. तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में बीते 10 साल से विशाल शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था. शिवलिंग के मुख्य शिल्पकार लोकनाथ हैं, उनकी टीम ने इसे तराशा है.

सड़क मार्ग से इसे 21 नवंबर को महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया था. शिवलिंग को रवाना करने के पहले पूजा-पाठ की गई थी, जिसमें स्थानीय गांव के लोग भी शामिल हुए थे.

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आज ही क्यों किया गया स्थापित?
आज यानी 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी की तिथि है. ऐसा माना जाता है कि इसी दिन शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और भगवान शिव की लिंग के रूप में पूजा हुई थी. इस दिन का महत्व शिवरात्रि के समान माना जाता है, इसलिए स्थापना के लिए यह दिन चुना गया है.

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