Wed. Apr 24th, 2024

सभी देश को गोद मे उठाकर घड़ियाली आँसू बहाते हैं : बिम्मी शर्मा

 



बिम्मी शर्मा, काठमांडू, २५,अगस्त ,२०१५ | (व्यग्ंय)

बिम्मी शर्मा
बिम्मी शर्मा

आजकल सभी देश को गोद में लिए घूमते हैं । देश बच्चे की तरह गोद मे बैठा चारो ओर देखता रहता है । देश के मालिक, देश के भाग्यविधाता देश की दारुण अवस्था देखकर हायल कायल है । नेता और मन्त्री देश को गोद मे लिए हुए ही विदेश सैरसपाटा कर आते हैं । और हातों ही हातों मे देश का दुखड़ा सुनाकर चन्दा बटोरते हैं और डकार जाते हैं । देश बेचारा उफ नहीं करता । नेता और जनता की गोद में दुबका बैठा रहता है ।

चार महीने पहले देश मे भूकम्प का जो ताण्डव मचा उसमें इस घायल देश के उपचार के लिए अनेक देश और संस्थानो ने दिल खोलकर सहयोग किया । पर यह सटोरिए नेता सब सहयोग को अपने ही पेट मे डालकर देश को सन्निपात मे छोड़कर मौज कर रहे हैं । सभी देश को गोद मे उठाकर घड़ियाली आँसू बहाते हैं और देश प्रेम का दावा करते हैं । घडियाल के शरीर मे जब नमक की मात्रा ज्यादा हो जाती है तब वह उस नमक को बाहर निकालने के लिए आँसू का सहारा लेता है । और हमारे देशी भाई–बन्धु भी अपने भ्रष्टाचार और अनैतिकता पर पर्दा डालने के लिए देश प्रेम का स्वाँग रचते हैं ।

बंदर और उसके क्रियाकलापको आपने जरुर देखा होगा? बंदर अपने बच्चे से बहुत प्यार करता है । चौबीसो घंटे बच्चे को अपनी छाती मे चिपकाए घूमता रहता है । पर जब बच्चे को खिलाने की वारी आती है तो वह सब खुद खा जाता है । बच्चे को केले का छिल्का दे कर खुद केला गपागप खाता है । छोटा बच्चा उसी मे सन्तोष कर लेता है । बस हमारे देश को भी यहाँ के नेता, मन्त्री, कामचोर कर्मचारी और निकम्मी जनता वैसे ही अपनी छाती मे चिपकाए रहते हंै । ताज्जुब की बात यह है कि देशप्रेम का झण्डा ओढ़ यह खुद देश का मटियामेट करने पर तुले हुए हैं ।

यदि सच मे यहाँ किसी को अपने देश से प्रेम होता तो देश इस तरह बर्बाद नहीं होता । न दिनदहाड़े हत्या नहीं होती, नही कोई लूटपाट मचाता । देश प्रेम का राग अलापने वाले ही काम के सिलसिले में सरकारी अफिस आए हुए लोगों से रिश्वत न माँगते । न अपना घर साफसुथरा रख घर का कूड़ा दूसरे के घर के दरवाजे या सड़क पर यूं ही छोड़ देते । न पान खा कर उस की पीक कमरे के दीवार और सीढ़ी के बगल मे थूकते । न दूसरे की किताब मांग कर उसे सहृदय तरीके से लौटाने की जगह न वापस करने की नियत रखते ।

crocodile यदि सच में देश से प्यार होता तो यहाँ के लोग जहाँ मन हुआ वंहीं मूत्रविसर्जन और पौटी नहीं करते । केला खा कर बीच सड़क मे फेंक कर दूसरे को फिसलने के लिए छोड़ने जैसा असभ्य काम कोई देश प्रेमी व्यक्ति नहीं कर सकता । जिस को देश से सच मे प्रेम होता है वह देश की सार्वजनिक सम्पति को नुकसान नहीं पहुंचाता । सड़क मे तोड़फोड़ करना, चक्काजाम, रेलिगँ तोड़ना, लाइब्रेरी की किताब जलाना, स्कूल कालेज की बेंच तोड़ना, सार्वजनिक पार्क में गंदगी करना और फूल तोड़ना यह देश प्रेमी इन्सान की फितरत मे नहीं होता । देश को प्रेम करनेवाला न तो झूठ बोलकर दूसरे को ठगता है न ही अनैतिक आचरण में लिप्त होता है ।

देश को न हमें गोद मे लेकर घूमना है । न देश को दूध भात खिलाना है । देश तो उसी दिन बन और सुधर जाएगा जिस दिन हमलोग खुद सुधर जाएंगे । अपने जिम्मे में मिले हुए कार्य को पूरी जिम्मेवारी और ईमानदारी से निभाएं । दुसरे के फटे मे टांग न अड़ांए, न एक दूसरे की शिकायत करे और किसी दुसरे को उखाड़ने और पछाड़ने का गंदा खेल खेलें । बस अपने काम में ईमानदारी से मग्न हो जाएं तो देश को बनने मे ज्यादा समय नहीं लगेगा । तब हमे देश को गोद में उठाए हुए और झूठे घड़ियाली आँसू बहाकर देश प्रेम का झूठा नाटक नहीं करना पडेÞगा । देश तो हमारी ईमानदारी, सच्चाई और नैतिकता पर बनेगा और टिकेगा । आखिर कब तक हमलोग देश को गोदी में उठाए हुए भिखमंगे की तरह दूसरे देशों से चन्दा और सहयोग मांग कर उनके रहमो करम पर जीते रहेंगे ?



About Author

यह भी पढें   17 वर्षीय भारतीय नाबालिग लड़की को फुसलाकर ले जाने में वाले मोहम्मद समीर आलम हुआ गिरफ्तार
आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
%d bloggers like this: