भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ आधिकारिक दौरे पर कल नेपाल पहुंचे: भारत-नेपाल रक्षा संबंधों में एक नया मील का पत्थर
काठमांडू | १७ अगस्त, २०२६ । भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और मजबूत सैन्य संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ (पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम) अपने आधिकारिक दौरे पर कल रविवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंच गए हैं। उनकी यह यात्रा दोनों पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही विशिष्ट रक्षा साझेदारी में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है।
भव्य स्वागत और आरंभिक बैठकें
काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर आगमन के पश्चात, जनरल धीरज सेठ का नेपाली सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के उच्च प्रतिनिधियों द्वारा अत्यंत गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया
अपने दौरे के शुरुआती चरण में ही सेना प्रमुख ने नेपाल में भारत के राजदूत महामहिम श्री नवीन श्रीवास्तव के साथ एक सार्थक और फलदायी बैठक की। इस चर्चा के दौरान द्विपक्षीय हितों और सुरक्षा सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
एक ऐतिहासिक परंपरा का सम्मान
इस उच्च-स्तरीय यात्रा का एक मुख्य और ऐतिहासिक उद्देश्य उस अनूठी परंपरा का निर्वहन करना है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के सेना प्रमुखों को अपनी सेना के **’मानद महारथी’ (Honorary General)** की उपाधि से सम्मानित करते हैं।
यह समय की कसौटी पर खरी उतरी परंपरा विश्व में अपने आप में दुर्लभ है और भारत तथा नेपाल के बीच साझा किए जाने वाले असाधारण, गहरे और अटूट सैन्य संबंधों का एक जीवंत प्रतीक है।
यात्रा से प्रमुख अपेक्षाएं
रक्षा विशेषज्ञों और कूटनीतिक हलकों के अनुसार, भारतीय सेना प्रमुख की इस यात्रा से कई सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है:
बहुआयामी संबंधों की मजबूती: यह दौरा भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।
रक्षा और सुरक्षा में समन्वय: रक्षा और सुरक्षा के विविध और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी सहयोग, प्रशिक्षण और समन्वय पहले से कहीं अधिक गहरा होगा।
रणनीतिक साझेदारी: क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, दोनों देशों के बीच रणनीतिक और सामरिक साझेदारी को इस दौरे से विशेष बल मिलेगा।
भारत और नेपाल के बीच हमेशा से ‘रोटी-बेटी’ का संबंध रहा है, और सैन्य स्तर पर यह साझेदारी अद्वितीय मानी जाती है। जनरल धीरज सेठ की यह यात्रा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि दोनों देश अपने ऐतिहासिक रक्षा संबंधों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। आने वाले दिनों में इस यात्रा के दौरान नेपाल के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के साथ उनकी अन्य उच्च-स्तरीय बैठकों के भी आयोजन की संभावना है। 



