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नेपाल बाढ़ त्रासदी: सत्ता और विपक्ष राहत व बचाव कार्य में एकजुट, सभी दल मानवता के लिए मैदान में

 

12 भदौ, काठमांडू।

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पैदा हुए मानवीय संकट से निपटने के लिए राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी प्रमुख राजनीतिक दल राहत और बचाव कार्य में एकजुट हो गए हैं। विभिन्न दल अपने-अपने संगठन और स्वयंसेवकों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटे हैं।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) की रैपिड एक्शन टीम सक्रिय

सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने अपनी रैपिड एक्शन टीम (RAT) को सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के समन्वय में राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है।

पार्टी के महासचिव विपिन कुमार आचार्य ने बताया कि राहत और बचाव अभियान के समन्वय की जिम्मेदारी रैपिड एक्शन टीम के पूर्व संयोजक आशीष थापा को सौंपी गई है।

आशीष थापा ने बताया कि पार्टी से औपचारिक जिम्मेदारी मिलने से पहले ही उनकी टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुकी थी।

“बाढ़ आने के बाद हम बुधवार दोपहर करीब 2 बजे ही नुवाकोट पहुंच गए थे। जिला प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय करके राहत अभियान शुरू किया।”

लगभग 600 लोगों का किया गया बचाव

थापा के अनुसार, रसुवा के मैलुङ स्थित सेते ओडार क्षेत्र से एक ही दिन लगभग 250 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि पूरी टीम ने अब तक करीब 600 लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किया है।

बचाए गए लोगों को नुवाकोट में बनाए गए पांच राहत शिविरों में रखा गया है, जहां उनके भोजन और रहने की व्यवस्था की गई है।

करीब 500 लोग फिलहाल इन राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि कई लोगों को बसों के माध्यम से काठमांडू भेजा जा रहा है।

सांसद भी पहुंचे राहत सामग्री लेकर

रास्वपा के कई सांसद गुरुवार को प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयाँ, पीपीई किट, दस्ताने (ग्लव्स) और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सामग्री लेकर पहुंचे।

कुछ सांसद डॉक्टर के रूप में भी राहत कार्य में शामिल हुए और चिकित्सा सहायता प्रदान की।

‘वन डोर सिस्टम’ से राहत वितरण

आशीष थापा ने बताया कि राहत सामग्री का वितरण एकद्वार (वन डोर) प्रणाली के तहत किया जा रहा है, ताकि सभी सहयोग एक ही समन्वय केंद्र से व्यवस्थित तरीके से प्रभावित लोगों तक पहुंच सके।

इसके लिए प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सेना सहित सुरक्षा निकायों के साथ संयुक्त समन्वय किया गया है।

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नेपाली कांग्रेस ने बनाई समन्वय एवं सहायता समिति

मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने राहत और बचाव कार्यों के लिए ‘रसुवा बाढ़ आपदा प्रबंधन समन्वय तथा सहजीकरण समिति’ का गठन किया है।

इस समिति का संयोजक रसुवा से सांसद और कांग्रेस के केंद्रीय सदस्य मोहन आचार्य को बनाया गया है।

सात जिलों के नेता और जनप्रतिनिधि शामिल

कांग्रेस महासचिव प्रदीप पौडेल के अनुसार समिति में निम्न जिलों के सांसद, केंद्रीय सदस्य, प्रदेश प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल किए गए हैं—

रसुवा

नुवाकोट

धादिङ

गोरखा

तनहुँ

चितवन

नवलपुर

इसके अलावा प्रभावित जिलों के जिला अध्यक्ष, प्रदेश सभा सदस्य, स्थानीय सरकारों के प्रमुख और उपप्रमुख तथा कांग्रेस के भ्रातृ एवं शुभेच्छुक संगठनों के अध्यक्ष भी समिति के सदस्य बनाए गए हैं।

राहत कोष में सामूहिक आर्थिक सहयोग

कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि पार्टी के सभी स्तरों से आर्थिक सहयोग जुटाकर सरकार के राहत कोष में एकमुश्त राशि जमा की जाएगी।

महासचिव प्रदीप पौडेल ने कहा कि पार्टी के सांसदों और जनप्रतिनिधियों के वेतन से भी सहयोग देने के लिए आंतरिक निर्देश जारी किए गए हैं।

कांग्रेस मुख्यालय में सूचना एवं समन्वय डेस्क

राहत कार्यों के प्रभावी संचालन और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कांग्रेस ने केंद्रीय कार्यालय में सूचना एवं समन्वय डेस्क स्थापित किया है।

पार्टी ने सभी प्रभावित क्षेत्रों की इकाइयों को राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रहने का निर्देश दिया है।

तरुण दल ने शुरू किया राहत सामग्री संग्रह अभियान

कांग्रेस के भ्रातृ संगठन नेपाल तरुण दल ने शुक्रवार से काठमांडू में तीन दिनों का राहत सामग्री संग्रह अभियान शुरू किया है।

राहत संग्रह के लिए चार स्थानों पर स्टॉल लगाए गए हैं—

नया बानेश्वर

कोटेश्वर

चाबहिल

ठमेल

तरुण दल के पूर्व केंद्रीय सदस्य रमेश खड़का ने बताया कि अभियान के तहत केवल खाद्यान्न, कपड़े और आवश्यक सामग्री एकत्र की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नकद राशि स्वीकार नहीं की जाएगी।

मानवता के लिए साझा प्रयास

रसुवा बाढ़ त्रासदी ने नेपाल की राजनीति को एक अलग संदेश दिया है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी प्रमुख दल राहत, बचाव और पुनर्वास को साझा मानवीय जिम्मेदारी मानते हुए प्रभावित लोगों की सहायता में जुटे हैं। सरकार, विपक्ष, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक और सामाजिक संगठन मिलकर राहत कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं।

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एमाले का उच्चस्तरीय दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचा

मुख्य विपक्षी दल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने 10 भदौ को जारी एक बयान में पार्टी के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं, जनसंगठनों और जनप्रतिनिधियों को तुरंत खोज, बचाव और राहत कार्यों में जुटने का निर्देश दिया था।

पार्टी कार्यालय सचिव डॉ. भीष्म अधिकारी ने बताया कि एमाले की आकस्मिक बैठक में राहत और बचाव अभियान के लिए पूरे संगठन को सक्रिय करने का निर्णय लिया गया।

महासचिव शंकर पोखरेल के नेतृत्व में निरीक्षण

एमाले ने पार्टी के महासचिव शंकर पोखरेल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय टीम को गुरुवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा।

इस टीम ने नुवाकोट के त्रिशूली क्षेत्र का दौरा कर वहाँ की स्थिति का जायजा लिया। टीम में पार्टी के सचिव, विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधि, जिफन्ट (GEFONT), पूर्व सैनिक और पूर्व पुलिस संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

युवा संगठन और प्रदेश सरकार भी मैदान में

एमाले ने अपने भ्रातृ संगठनों अनेरास्ववियु और युवा संघ नेपाल के स्वयंसेवकों को राहत और बचाव कार्यों में लगाया है।

बागमती प्रदेश में एमाले नेतृत्व वाली सरकार के मुख्यमंत्री किरण थापा मगर स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

पार्टी ने कहा है कि प्रभावित जिलों की स्थानीय इकाइयाँ पहले से सक्रिय हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त जनशक्ति भी भेजी जाएगी।

माओवादी केंद्र ने भी राहत अभियान तेज किया

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी केंद्र) के संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने पार्टी की सभी इकाइयों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और मानवीय सेवा में जुटने तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया।

प्रचंड ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को सरकारी निकायों के साथ मिलकर राहत अभियान चलाना चाहिए।

सर्वदलीय बैठक में प्रचंड की अपील

गुरुवार को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रचंड ने कहा—

लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन आपदा के समय उन मतभेदों को कुछ समय के लिए अलग रखकर राष्ट्र और नागरिकों के हित में एकजुट होना चाहिए।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि भोटेकोशी बाढ़ से पैदा हुए संकट से निपटने में उनकी पार्टी सरकार को पूरा सहयोग देगी।

जसपा नेपाल और अग्रगामी मोर्चा भी सक्रिय

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जनता समाजवादी पार्टी (जसपा नेपाल) के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने बताया कि पार्टी के नेता और कार्यकर्ता प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न भूमिकाओं में काम कर रहे हैं।

उनके अनुसार—

कुछ कार्यकर्ता घटनास्थल पर राहत और बचाव में लगे हैं।

कुछ लोग राहत सामग्री एकत्र कर रहे हैं।

कुछ मेडिकल सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

उपेन्द्र यादव ने कहा कि मधेश और पहचान आधारित आठ दलों के संयुक्त गठबंधन अग्रगामी मोर्चा की ओर से भी राहत और बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं।

आम जनता पार्टी की युवा टीम राहत कार्य में

आम जनता पार्टी के अध्यक्ष प्रभु साह ने बताया कि पार्टी की Gen-Z टीम और आईटी आर्मी को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि यह टीम स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर ज़रूरत के अनुसार राहत सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध करा रही है।

राप्रपा ने भी कार्यकर्ताओं को किया सक्रिय

राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (राप्रपा) ने अपने सभी स्तरों के नेताओं, कार्यकर्ताओं और शुभेच्छुकों से राहत, बचाव और मानवीय सहायता कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

पार्टी के प्रवक्ता मोहन श्रेष्ठ ने बताया कि केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि सभी स्थानीय पार्टी समितियाँ प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत कार्यों में जुटें और राहत सामग्री संग्रह अभियान चलाएँ।

अन्य दलों की भी भागीदारी

श्रम संस्कृति पार्टी ने भी अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। पार्टी के सांसद आरेन राई स्वयं राहत कार्यों में शामिल हुए हैं।

उज्यालो नेपाल पार्टी के अध्यक्ष कुलमान घिसिङ ने दुनिया भर में रह रहे नेपाली समुदाय से बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की है।

वीडियो संदेश में उन्होंने कहा—

“यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। सरकार के नेतृत्व में सुरक्षा निकाय, राजनीतिक दल, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और आम नागरिक—सभी को मिलकर इस राष्ट्रीय संकट का सामना करना होगा।”

आपदा के समय राजनीति से ऊपर मानवता

रसुवा और भोटेकोशी क्षेत्र की विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल की राजनीति में दुर्लभ एकजुटता दिखाई है। सत्ता और विपक्ष के लगभग सभी दल राहत, बचाव और पुनर्वास को साझा राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों की सहायता में जुटे हैं।

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