भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव का बीरगंज दौरा: नेपाल के विकास और बाढ़ राहत कार्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई
बीरगंज, 12 सितंबर 2026 । नेपाल में भारत के राजदूत महामहिम श्री नवीन श्रीवास्तव ने 11 और 12 सितंबर 2026 को बीरगंज का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने सीमापार व्यापार को सुगम बनाने पर चर्चा की और नेपाल के विकास तथा निरंतर बाढ़ राहत कार्यों के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को एक बार फिर से दोहराया।11 सितंबर को राजदूत महोदय ने इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी), बीरगंज का दौरा किया और बीरगंज सीमा शुल्क प्रमुख तथा टर्मिनल हेड सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने आईसीपी रक्सौल का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने सीमापार व्यापार सहूलियत और आपसी समन्वय की समीक्षा के लिए एलपीएआई (LPAI), एसएसबी (SSB), कस्टम, इमिग्रेशन, प्लांट क्वारंटाइन और एफएसएसएआई (FSSAI) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठकें कीं।
व्यापारिक बैठकों के बाद उन्होंने रक्सौल स्थित भारतीय दूतावास बंगले का दौरा कर वहां पौधारोपण किया। उसी शाम, उन्होंने ‘भारत-नेपाल सहयोग मंच’ और ‘नेपाल-भारत मैत्री संघ’ के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उद्योगपतियों, बीरगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स, एनआईसीसीआई (NICCI) और एनवाईईएफ (NYEF) के सदस्यों के साथ भी संवाद किया। दौरे के दूसरे दिन, 12 सितंबर की सुबह उन्होंने स्थानीय पत्रकारों के साथ बातचीत की।
इन सभी मुलाकातों के दौरान, राजदूत श्रीवास्तव ने भारत और नेपाल के बीच गहरी और स्थायी मित्रता पर जोर दिया। उन्होंने नेपाल में चल रहे भारत के बाढ़ राहत कार्यों की महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि 26 अगस्त 2026 से अब तक भारत ने भारतीय वायुसेना (IAF) की 8 उड़ानों के जरिए 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी है। इस सामग्री में शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, चिलिमे और लांगटांग में राहत कार्यों के लिए एक विशेष सुरंग बचाव दल सहित 54 विशेषज्ञ कर्मियों को तैनात किया गया है। भारत ने डीएनए किट और फोरेंसिक सहायता भी प्रदान की है, और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए बेली ब्रिज (Bailey Bridges) के उपकरण भेजे हैं, जिसमें 230-फुट लंबे पुल के लिए 16 ट्रक और सात अन्य पुलों के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री शामिल है।





