नेपाल का संविधान एक युगांतकारी परिवर्तन को संस्थागत करने का ऐतिहासिक संकल्प और दस्तावेज है – प्रचण्ड
काठमांडू, आश्विन ३ – नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ ने कहा है कि धर्मनिरपेक्ष, संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र और जनता के मौलिक अधिकारों पर प्रहार करने की कोशिश की जा रही है । संविधान दिवस के अवसर पर शुभकामना देते हुए प्रचण्ड ने कहा कि नेपाल का संविधान केवल औपचारिक कानूनी दस्तावेज नहीं होकर एक युगांतकारी परिवर्तन को संस्थागत करने का ऐतिहासिक संकल्प और दस्तावेज है । उन्होंने बताया कि कुछ समय से इस पर प्रहार किया जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि ‘अभी कहीं न कहीं से धर्मनिरपेक्ष, संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र तथा जनता के मौलिक अधिकारों पर प्रहार करने की कोशिशें की जा रही है ।’ उन्होंने कहा कि ऐसी अवस्था में संविधान दिवस मनाने का अर्थ है संविधान के मूलभूत सिद्धान्तों और मूल्यों को रक्षा करते जनता को और अधिक अधिकार संपन्न बनाने का संकल्प लेना । प्रचण्ड ने संविधान दिवस के अवसर पर देश में तथा देश के बाहर रहने वाले नेपालियों को उक्त संकल्प में एकजूट होने की अपील की है । उन्होंने कहा कि संविधान ने उत्पीडि़त वर्गो, जातियों, क्षेत्रों, लिंगों और समुदायों की पहचान और अधिकारों को दिलाया है ।
इसी तरह उन्होंने कहा कि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों, मधेशियों, मुस्लिमों, थारूओं के साथ ही उत्पीडित समुदायों को अधिकार और पहचान दिलाने का काम संविधान ने किया है ।


