अध्यक्ष ओली के तीव्र असन्तुष्टि और निर्देशन के बाद तीन बूंदों में संशोधन
काठमांडू, आश्विन ५ – नेकपा (एमाले)के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने पार्टी पुनर्गठन कार्यदल के निर्णय में रहे २ और ३ नंबर के बूँदों को लेकर अपनी आपत्ति जताई है । रविवार को हुई सचिवालय की बैठक में कार्यदल के प्रतिवेदन ग्रहण किया गया था । अध्यक्ष ओली के तीव्र असन्तुष्टि और निर्देशन के बाद कार्यदल के प्रतिवेदन में मुख्य गरी तीन बूँदों में जोड़ –घटाव कर प्रतिवेदन का संपादन किया गया है ।
१. प्रतिवेदन के अंत में इन बातों का उल्लेख किया जाएगा । २०८२ भाद्र २३ और २४ के आक्रमण से घायल हुए नेपाल के संविधान को पुनः नए लिक में लाना, २०८२ फागुन २१ गते के निर्वाचन से संस्थागत करने की जो कोशिश की गई है उस प्रतिगमन के प्रयासों को परास्त करना, संविधान की रक्षा करना, देश को सहज संवैधानिक मार्ग में वापस लाना और स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रणाली पुनर्वहाली करना आज नेकपा एमाले और पूरे राष्ट्र की मुख्य जिम्मेदारी है ।
इसके लिए शक्तिशाली जन आन्दोलन का सिर्जना करना, पार्टी जो जो अपना जनमत खो दिया है उसे वापस लाना तथा आगामी स्थानीय तहों तथा प्रदेशसभा के निर्वाचन में पार्टी की शानदार जीत सुनिश्चित करना । इस समय हमारे सामने यही प्रमुख कार्यभार है ।
इसके लिए २०८२ भाद्र २३, २४ के उपद्रवकारी घटनाओं से लेकर २०८२ फागुन २१ के निर्वाचन तक विकसित हुई परिस्थिति और परिवर्तन राजनीतिक शक्तिसंतुलन के सूक्ष्म एवम् यथार्थपरक विश्लेषण तथा आन्दोलन और निर्वाचन जैसे आगामी कार्यभारों पर केन्द्रित होकर विमर्श करना, पूरी पार्टी पंक्ति को पार्टी के केन्द्रीय नीति द्वारा प्रशिक्षित और एकीकृत करना, उत्साह और संकल्प के साथ पार्टी के सम्पूर्ण नेता, कार्यकर्ता तथा सदस्यों को परिचालित करने के लिए उपयुक्त समय में ‘राष्ट्रीय महाधिवेशन प्रतिनिधि परिषद्’की बैठक आयोजित की जाएगी ।
२. कार्यदल को प्राप्त हुए १३ समूहों के सुझावों हुबहु –किसी प्रकार के जोड़ घटाव नहीं कर, जैसे का तैसे) प्रतिवेदन के अनुसूची में समावेश करना ।
३. परिच्छेद–४ में उल्लिखित “पार्टी विधान संशोधन का असर – पहले और दूसरे विधान महाधिवेशन से विधान में रहे ‘दो कार्यकाल’ और ‘७० वर्ष उम्र सीमा’ जैसे विषयों में किए गए संशोधन ने पार्टी पंक्ति लाई को प्रभावित किया है । ” इस वाक्य के बाद लिखा गया है कि “इस विषय में आगामी विधान महाधिवेशन में विमर्श कर गरी उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा ।”


